कांग्रेस को बड़ा झटका! 24 अकबर रोड छोड़ने का नोटिस, 48 साल पुराना मुख्यालय खाली करने की डेडलाइन तय
इंदिरा गांधी के दौर से यह दफ्तर पार्टी के बड़े फैसलों और ऐतिहासिक बैठकों का गवाह रहा है।
हालांकि, जनवरी 2025 में कांग्रेस ने अपना नया मुख्यालय इंदिरा भवन में शिफ्ट कर लिया था, लेकिन पुराने दफ्तर में गतिविधियां अब तक जारी थीं।
नोटिस के बाद बढ़ी सियासी हलचल
सूत्रों के अनुसार, नए मुख्यालय में शिफ्ट होने के बावजूद पुराने परिसरों को पूरी तरह खाली नहीं किया गया था।
अब नोटिस मिलने के बाद पार्टी कानूनी विकल्पों पर विचार कर रही है और वरिष्ठ नेताओं के साथ रणनीति बनाने में जुटी है।
इतिहास के कई पड़ावों का गवाह रहा मुख्यालय
कांग्रेस के दफ्तर का इतिहास भी काफी दिलचस्प रहा है:
• आजादी से पहले इलाहाबाद का आनंद भवन पार्टी की गतिविधियों का केंद्र था
• 1947 के बाद मुख्यालय दिल्ली शिफ्ट हुआ
• 10 जनपथ और 24 अकबर रोड लंबे समय तक सत्ता के प्रमुख केंद्र बने रहे
कांग्रेस का पलटवार—‘विपक्ष को दबाने की कोशिश’
इस नोटिस को लेकर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया है।
वहीं, सांसद प्रमोद तिवारी और इमरान मसूद ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए दबाव बना रही है।
अब क्या होगा आगे?
अब सबकी नजर इस बात पर है कि भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस इस नोटिस के खिलाफ क्या कानूनी कदम उठाती है। 28 मार्च की डेडलाइन से पहले यह मामला और तूल पकड़ सकता है, जिससे सियासी घमासान और तेज होने के आसार हैं।







