RJD को बड़ा झटका! रितु जायसवाल ने थामा BJP का दामन, सियासी समीकरण बदलने के संकेत
रितु जायसवाल के भाजपा में शामिल होने को राजनीतिक जानकार RJD के लिए बड़ा झटका मान रहे हैं। मिथिलांचल की सक्रिय और प्रभावशाली महिला नेता के तौर पर उनकी पहचान रही है, ऐसे में उनके इस फैसले से क्षेत्रीय राजनीति में नए समीकरण बनने की संभावना जताई जा रही है।
रितु जायसवाल का राजनीतिक सफर पहले जदयू से शुरू हुआ था, जिसके बाद वह राष्ट्रीय जनता दल में शामिल हुईं। RJD में उन्हें महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी प्रवक्ता जैसी अहम जिम्मेदारियां मिलीं। वर्ष 2021 से 2023 तक वह पार्टी की प्रमुख प्रवक्ताओं में शामिल रहीं और टीवी डिबेट्स में सक्रिय रूप से पार्टी का पक्ष रखती रहीं।
2020 विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से मामूली अंतर से हारने के बावजूद पार्टी ने उन पर भरोसा बनाए रखा। इसके बाद 2024 लोकसभा चुनाव में उन्हें शिवहर सीट से उम्मीदवार बनाया गया, जहां उन्होंने लगभग 4.47 लाख वोट हासिल कर कड़ी टक्कर दी, हालांकि उन्हें करीब 29 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
लेकिन 2025 विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से टिकट कटने के बाद रितु जायसवाल और RJD नेतृत्व के बीच दूरी बढ़ती चली गई। उन्होंने निर्दलीय चुनाव भी लड़ा, जिसमें उन्हें करीब 64 हजार वोट मिले, जिससे RJD को नुकसान उठाना पड़ा। बाद में पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया था।
अब भाजपा में शामिल होने के साथ ही रितु जायसवाल ने अपने राजनीतिक सफर में एक नया अध्याय शुरू किया है। उनके इस कदम को बिहार की राजनीति में महत्वपूर्ण बदलाव के संकेत के रूप में देखा जा रहा है, खासकर मिथिलांचल क्षेत्र में इसका असर आने वाले समय में साफ दिख सकता है।







