वोट अधिकार यात्रा में बड़ा विवाद: राहुल-तेजस्वी ने किया अंबेडकर प्रतिमा का अनदेखा, पप्पू यादव ने संभाली जिम्मेदारी
Munger: मुंगेर जिले में शुक्रवार को कांग्रेस और राजद की साझा वोट अधिकार यात्रा उस वक्त विवादों में घिर गई जब राहुल गांधी और तेजस्वी यादव नवनिर्मित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा का अनावरण किए बिना ही आगे बढ़ गए। इस घटनाक्रम के बाद स्थानीय लोगों में भारी नाराज़गी देखने को मिली।
तय कार्यक्रम से मुड़ा काफिला
कार्यक्रम के अनुसार, घोरघट इलाके में लगी 12 फीट ऊंची प्रतिमा का अनावरण राहुल गांधी और तेजस्वी यादव को करना था। मंच और शिलापट्ट पर पहले से ही फूल सजाए गए थे। लेकिन दोनों नेता प्रतिमा स्थल पर पहुंचे और बिना पुष्प अर्पण या अनावरण किए सीधे भागलपुर के लिए रवाना हो गए।
स्थानीय लोगों का आक्रोश
इस व्यवहार से वहां मौजूद लोगों और कार्यकर्ताओं में असंतोष फैल गया। भीड़ में कई लोग नाराज़गी जताने लगे कि “एक तरफ संविधान बचाने की बात हो रही है और दूसरी तरफ संविधान निर्माता को ही भुला दिया गया।”
पप्पू यादव आए आगे
स्थिति बिगड़ते देख मौके पर पहुंचे पूर्णिया सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने प्रतिमा का अनावरण किया और माहौल शांत कराया। इसके बाद वे भी वोट अधिकार यात्रा के काफिले में शामिल होकर भागलपुर की ओर निकल गए।
भव्य स्वागत, लेकिन बीच में छाया विवाद
मुंगेर जिले के चंदन बाग से शुरू हुई यात्रा सोझी गंगा घाट, बेलन बाजार, भगत सिंह चौक, बांक मोड़ होते हुए बरियारपुर-कल्याणपुर और घोरघट तक पहुंची। यहां राहुल और तेजस्वी पर जेसीबी मशीन से पुष्प वर्षा की गई और समर्थकों ने भव्य स्वागत किया। लेकिन अंबेडकर प्रतिमा की अनदेखी ने पूरे कार्यक्रम की चमक फीकी कर दी।







