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बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कांग्रेस की CWC बैठक पटना में शुरू, जातीय समीकरण और सीटों की रणनीति पर होगी फोकस

 
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: कांग्रेस की CWC बैठक पटना में शुरू, जातीय समीकरण और सीटों की रणनीति पर होगी फोकस

Bihar News: आगामी बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बुधवार को पटना में कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की ऐतिहासिक बैठक शुरू हो गई। आजादी के बाद पहली बार राज्य में आयोजित इस बैठक को पार्टी की नई चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। बैठक सुबह 10 बजे शुरू होकर शाम 4 बजे तक चलेगी।

पार्टी की रणनीति इस बार जीत की संभावनाओं वाली सीटों पर चुनाव लड़ने पर केंद्रित है। इसके तहत सीट बंटवारे और गठबंधन में अदला-बदली पर भी चर्चा हो सकती है। इस पहल का उद्देश्य कांग्रेस को केवल संख्या में नहीं बल्कि प्रभाव और जीत की संभावना वाले क्षेत्रों में मजबूत करना है।

1990 के बाद कांग्रेस का चुनावी प्रदर्शन

इतिहास पर नजर डालें तो 1990 के बाद से बिहार में कांग्रेस लगातार कमजोर होती रही है। 1990 में कांग्रेस को 71 सीटें मिली थीं, लेकिन 1995 में यह घटकर 29 और 2000 में 23 सीटों तक पहुंच गई। 2010 में पार्टी के लिए हालात और भी खराब थे, जब केवल 4 सीटों पर जीत हासिल हुई। 2015 में गठबंधन की वजह से 27 सीटें मिलीं, जबकि 2020 में 70 सीटों पर चुनाव लड़ा गया और केवल 19 सीटें जीती जा सकीं।

जातीय समीकरण पर नजर

कांग्रेस इस बार जातीय समीकरणों पर विशेष ध्यान दे रही है। बिहार में अत्यंत पिछड़ा वर्ग (EBC) की आबादी 36 फीसदी है, जबकि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) 27 फीसदी है। कुल मिलाकर राज्य में 63 फीसदी आबादी पिछड़े वर्ग की है। वहीं, दलितों की आबादी 20 फीसदी से अधिक है, जिसमें सबसे बड़ा वर्ग दुसाध पासवान है।

राहुल गांधी का टारगेट

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी इस बैठक के माध्यम से जातीय राजनीति को साधने और महागठबंधन के सहयोगी दलों के साथ सीट शेयरिंग फॉर्मूला अंतिम रूप देने की रणनीति पर काम कर रहे हैं। बैठक में 65 फीसदी आरक्षण को संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने और अन्य जातीय समीकरणों को लेकर प्रस्ताव आने की संभावना है।

इस बैठक के नतीजे बिहार विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ताकत और गठबंधन की स्थिति को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकते हैं।