Bihar Vidhansabha Winter Session: 18वीं विधानसभा का सत्र आज से शुरू, पहले ही दिन नीतीश–तेजस्वी आमने-सामने
Bihar political update: बिहार विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज 1 दिसंबर से शुरू हो रहा है। पहले दिन सदन की कार्यवाही का मुख्य आकर्षण सभी 243 नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण रहेगा। इसी क्रम में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी विधायक और नेता प्रतिपक्ष के रूप में शपथ लेंगे। यह पहला मौका होगा जब विधानसभा चुनाव में करारी हार के बाद तेजस्वी सीएम नीतीश कुमार के सामने सदन में उपस्थित होंगे। दोनों नेताओं का यह सामना राजनीतिक हलकों में काफी चर्चा का विषय बना हुआ है।
नीतीश–तेजस्वी की पहली भिड़ंत
राजद को मिली हार के बाद तेजस्वी ने मीडिया और सार्वजनिक कार्यक्रमों से लगभग दूरी बना रखी थी। वह सीएम नीतीश के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल नहीं हुए थे। हालांकि, उन्होंने ट्विटर के माध्यम से नीतीश कुमार को बधाई देते हुए आशा जताई थी कि नई सरकार अपने वादों पर खरा उतरेगी और राज्य में सकारात्मक बदलाव लाएगी।
अब जब सदन के भीतर दोनों नेता आमने-सामने होंगे, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उनके बीच कोई औपचारिक बातचीत होती है या नहीं।
क्या तेजस्वी आज तोड़ेंगे चुप्पी?
तेजस्वी यादव चुनावी हार के बाद अब तक सार्वजनिक रूप से कुछ भी नहीं बोले हैं। पार्टी के भीतर भी हलचल तब बढ़ गई जब उनकी बहन रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया पर गंभीर आरोप लगाते हुए तेजस्वी, संजय यादव और रमीज को निशाने पर लिया। उन्होंने पार्टी से दूरी बनाने की घोषणा भी कर दी थी।
इन घटनाओं के बावजूद तेजस्वी पूरी तरह चुप रहे, जिसने राजनीतिक चर्चा को और तेज कर दिया है। आज के सत्र में माना जा रहा है कि विपक्ष उनसे स्पष्ट रुख या बयान की उम्मीद कर सकता है।
राबड़ी आवास विवाद ने बढ़ाया तनाव
इस बीच राजनीति तब और गर्मा गई जब सरकार ने पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास को बदलते हुए वह आवास बिहार विधान परिषद के नेता प्रतिपक्ष के लिए आवंटित कर दिया। लालू परिवार को अब मौजूदा आवास खाली करना होगा। राजद ने आरोप लगाया है कि यह फैसला राजनीतिक प्रतिशोध की मंशा से लिया गया है।
ऐसे में अनुमान है कि आज सदन में विपक्ष इस मुद्दे पर जोरदार विरोध दर्ज कर सकता है। राबड़ी आवास को लेकर सदन में कितना बवाल मचता है, इस पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
सत्र का पहला दिन बन सकता है राजनीतिक रूप से भारी
आज का सत्र केवल शपथ ग्रहण भर नहीं, बल्कि कई राजनीतिक संकेतों का वाहक साबित हो सकता है—
• क्या तेजस्वी अपनी चुप्पी तोड़ेंगे?
• क्या राबड़ी आवास को लेकर विपक्ष हंगामा करेगा?
• क्या नीतीश और तेजस्वी के बीच किसी तरह की राजनीतिक गर्माहट या शीतलता दिखाई देगी?
इन सभी सवालों के जवाब आज विधानसभा परिसर में बदलते माहौल के जरिए मिल सकते हैं।
स्पष्ट है कि बिहार विधानसभा का यह शीतकालीन सत्र शुरुआत से ही राजनीतिक तापमान बढ़ाने वाला साबित होने वाला है।







