बिहार विधानसभा शीतकालीन सत्र में सत्ता का शक्ति प्रदर्शन- 10वीं बार शपथ लेकर पहुंचे नीतीश, 202 विधायकों के बहुमत के साथ एनडीए ने सदन में दिखाई ताकत”
Bihar Vidhansabha Winter Session: बिहार की राजनीति में सर्दी के मौसम के साथ हलचल का पारा तेज हो गया है। शीतकालीन सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जैसे ही बिहार विधानसभा पहुंचे, परिसर तालियों से गूंज उठा। डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी, विजय सिन्हा, मंत्री विजय चौधरी और नवनिर्वाचित विधायकों ने मुख्यमंत्री का भव्य स्वागत किया। नीतीश कुमार 10वीं बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर विधानसभा पहुंचने वाले बिहार के पहले नेता बन गए हैं, और यह रिकॉर्ड स्वयं में राजनीतिक संदेश दे रहा है।
सदन की नई तस्वीर: बीजेपी सबसे बड़ी पार्टी, एनडीए का भारी बहुमत
इस बार सदन का गणित बिल्कुल नया है।
• बीजेपी – 89 विधायक (सबसे बड़ी पार्टी)
• जेडीयू – 84 विधायक
• एनडीए – कुल 202 विधायक
• महागठबंधन – सिर्फ 35 विधायक
इतने प्रचंड बहुमत के साथ सरकार के लिए किसी भी विधेयक को पास कराना अब लगभग औपचारिक प्रक्रिया भर होगी।
आज सभी 243 नवनिर्वाचित विधायकों का शपथ ग्रहण
पहले दिन 243 विधायकों का शपथ ग्रहण होगा, जिसकी कमान प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव संभालेंगे। इसी दिन विधानसभा अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भी दाखिल होंगे, जो आने वाले राजनीतिक समीकरणों की पहली लकीर खींचेंगे। 2 दिसंबर को स्पीकर का चुनाव होगा और उसके बाद सदन की राजनीति नए दौर में प्रवेश करेगी।
सिर्फ तीन दिनों के विधान परिषद सत्र में भी पूरा माहौल गर्म रहने वाला है।
नई सरकार का अनुपूरक बजट भी होगा पेश
आने वाले दिनों का एजेंडा भी बेहद अहम है:
• 3 दिसंबर: राज्यपाल दोनों सदनों को संबोधित करेंगे। उनके अभिभाषण के साथ अध्यादेशों की प्रतियां सदन में रखी जाएंगी और द्वितीय अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।
• 4 दिसंबर: अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जोरदार बहस होगी। विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा जबकि सत्ता पक्ष तथ्य और तर्कों के साथ पलटवार करेगा।
• 5 दिसंबर: बजट पर चर्चा, मतदान और विनियोग विधेयकों की अनुमति के साथ सत्र का समापन होगा।
साफ है यह शीतकालीन सत्र सरकार की नीतियों और विपक्ष की रणनीति दोनों के लिए कसौटी साबित होने वाला है।







