Newshaat_Logo

Bihar Congress: कौन हैं अजय पासवान? खरगे ने सौंपी बड़ी जिम्मेदारी, राजेश राठौड़ की जगह संभालेंगे मीडिया सेल

Bihar Congress:  बिहार कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव के बीच पार्टी ने अजय कुमार पासवान को प्रदेश कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग का अध्यक्ष नियुक्त किया है. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की मंजूरी के बाद यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू हुई है. अजय पासवान अब राजेश राठौड़ की जगह यह जिम्मेदारी संभालेंगे. रिपोर्टों के मुताबिक, अजय पासवान मूल रूप से जहानाबाद के रहने वाले हैं और ...
 
BIHAR POLITICS

Bihar Politics:  बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों पर होने वाले चुनाव के बीच कांग्रेस ने संगठन में बड़ा बदलाव किया है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के निर्देश पर दिल्ली स्थित पार्टी मुख्यालय से जारी पत्र के मुताबिक, लंबे समय से प्रदेश के मीडिया एवं प्रचार विभाग की जिम्मेदारी संभाल रहे राजेश राठौड़ को पद से मुक्त कर दिया गया है। उनकी जगह अजय पासवान को बिहार कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

अजय कुमार पासवान को बनाया गया बिहार कांग्रेस मीडिया विभाग का अध्यक्ष

माननीय कांग्रेस अध्यक्ष ने तत्काल प्रभाव से बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के  मीडिया एवं प्रचार विभाग के अध्यक्ष के रूप में श्री अजय कुमार ...

अजय पासवान को पार्टी के एससी-एसटी प्रकोष्ठ में काम करने का अनुभव रहा है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं।

कौन हैं अजय पासवान?

बिहार कांग्रेस के नए मीडिया प्रमुख अजय पासवान मूल रूप से गया जिले के खिजरसराय से ताल्लुक रखते हैं। उनकी जन्मभूमि और राजनीतिक कर्मभूमि पटना का फुलवारीशरीफ क्षेत्र रही है।

अजय पासवान का परिवार भी राजनीति से जुड़ा रहा है। उनके पिता रामप्रीत पासवान फुलवारीशरीफ विधानसभा क्षेत्र से विधायक रह चुके हैं। अजय खुद कांग्रेस के एससी-एसटी प्रकोष्ठ में विभिन्न जिम्मेदारियां संभाल चुके हैं।

अब पार्टी ने उन्हें प्रदेश मीडिया एवं प्रचार विभाग की कमान सौंपी है। इस जिम्मेदारी के तहत उन्हें कांग्रेस के राजनीतिक कार्यक्रमों, नीतियों और पार्टी के पक्ष को मीडिया के सामने रखने की महत्वपूर्ण भूमिका निभानी होगी।


8 साल बाद राजेश राठौड़ की छुट्टी

राजेश राठौड़ करीब 8 वर्षों से कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता के तौर पर पार्टी की बात मीडिया के सामने रखते रहे हैं। सीतामढ़ी जिले से आने वाले राठौड़ हाल ही में तिरहुत शिक्षक विधान परिषद सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर नामांकन दाखिल करने को लेकर भी चर्चा में रहे।

उनके पद से हटाए जाने को लेकर राजनीतिक गलियारों में अलग-अलग चर्चाएं हैं। चर्चा है कि पार्टी की आधिकारिक मंजूरी के बिना निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव मैदान में उतरना इसकी एक वजह हो सकती है।

हालांकि, राजेश राठौड़ ने इसे सामान्य संगठनात्मक बदलाव बताया है। उनका कहना है कि वह लंबे समय से इस पद पर थे और चुनाव में व्यस्त रहने के कारण संगठन को पर्याप्त समय नहीं दे पा रहे थे।

तिरहुत शिक्षक सीट पर महागठबंधन में खींचतान

राजेश राठौड़ के चुनाव मैदान में उतरने से तिरहुत शिक्षक सीट पर महागठबंधन के भीतर समीकरण दिलचस्प हो गए हैं। कांग्रेस की ओर से जारी पांच एमएलसी सीटों की सूची में तिरहुत शिक्षक सीट का नाम नहीं था।

इस सीट पर महागठबंधन में शामिल सीपीआई के नेता संजय सिंह मौजूदा एमएलसी हैं और वाम दल ने उन्हें दोबारा मैदान में उतारा है। ऐसे में राजेश राठौड़ के निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने से मुकाबला और महत्वपूर्ण हो गया है।

राठौड़ का कहना है कि शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव गैर-दलगत प्रकृति का होता है और यहां मतदाता उम्मीदवार के काम और व्यक्तिगत जुड़ाव को प्राथमिकता देते हैं।

8 एमएलसी सीटों पर चुनाव, 23 अक्टूबर को मतदान

बिहार विधान परिषद की आठ रिक्त सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया जारी है। नामांकन को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं और अलग-अलग दल अपने उम्मीदवारों के समर्थन में जुटे हुए हैं।

ऐसे समय में बिहार कांग्रेस के मीडिया एवं प्रचार विभाग में नेतृत्व परिवर्तन को पार्टी की चुनावी रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अब अजय पासवान के सामने पार्टी की राजनीतिक लाइन और चुनावी मुद्दों को मीडिया के जरिए प्रभावी तरीके से रखने की जिम्मेदारी होगी।