Movie prime

बिहार चुनाव 2025: जन सुराज पार्टी ने 51 सीटों की पहली सूची जारी की, पिछड़ी जातियों, डॉक्टर, वकील और सरकारी अधिकारियों को मिला टिकट

 
बिहार चुनाव 2025: जन सुराज पार्टी ने 51 सीटों की पहली सूची जारी की, पिछड़ी जातियों, डॉक्टर, वकील और सरकारी अधिकारियों को मिला टिकट

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जन सुराज पार्टी ने गुरुवार को अपनी पहली उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। पार्टी के संस्थापक और रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर ने इस सूची में विशेष रूप से पिछड़ी जातियों और भ्रष्टाचार मुक्त नेतृत्व वाले उम्मीदवारों को प्राथमिकता दी है। सूत्रों के अनुसार, पार्टी इस बार विकास और भ्रष्टाचार मुक्त राज्य को मुख्य चुनावी मुद्दा बना रही है। सूची में कई पूर्व नौकरशाह, डॉक्टर, वकील और शिक्षाविद् शामिल हैं, जिनकी छवि साफ-सुथरी और जन-हितैषी मानी जाती है।

मुख्य उम्मीदवारों पर नजर
    •    केसी सिन्हा (कुम्हरार) – प्रसिद्ध गणितज्ञ और कई विश्वविद्यालयों के पूर्व कुलपति। उनकी गणित की किताबें बिहार के स्कूलों में दशकों से पढ़ाई जाती रही हैं।
    •    वाईबी गिरि (मांझी) – पटना उच्च न्यायालय के वरिष्ठ अधिवक्ता, जिन्होंने राज्य लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं में कथित पेपर लीक मामले जैसे चर्चित मुकदमे लड़े।
    •    जेपी सिंह (छपरा) – 2000 बैच के आईपीएस अधिकारी और हिमाचल प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक। उन्होंने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेकर राजनीति में कदम रखा और लगभग एक साल से छपरा में सक्रिय हैं।
    •    डॉ. बी.बी. प्रसाद (ढाका) – मोतिहारी में अपने क्लिनिक के माध्यम से सामाजिक कार्यों में सक्रिय, अत्यंत पिछड़ी जाति से हैं।
    •    डॉ. ए.के. दास (मुजफ्फरपुर) – जाने-माने चिकित्सक, पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक गतिविधियों में सक्रिय।
    •    आरके मिश्रा (दरभंगा) – पूर्व डीजी (होमगार्ड) और जन सुराज पार्टी के शुरुआती समर्थक। उन्होंने कई सेवानिवृत्त नौकरशाहों को पार्टी में शामिल किया।

अन्य उम्मीदवार और सामाजिक समीकरण

सूची में गोपालगंज के भोरे (SC) से प्रीति किन्‍नर, करगहर से रितेश रंजन (पांडेय) और नालंदा के अस्थावां से आरसीपी सिंह की बेटी लता सिंह को टिकट दिया गया है।

सूत्रों का कहना है कि इस सूची के जरिए पार्टी पिछड़ी जातियों, शिक्षित युवाओं और पेशेवरों को चुनावी मैदान में उतारकर नया संदेश देना चाहती है।

जन सुराज पार्टी की यह पहली सूची स्पष्ट रूप से सामाजिक समीकरण और विकास एजेंडा दोनों को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है। पार्टी इस रणनीति के जरिए आगामी बिहार चुनाव में नए और भरोसेमंद चेहरों के दम पर अपनी पकड़ मजबूत करने की योजना बना रही है।