Movie prime

बिहार चुनाव 2025: तेजस्वी यादव ने अपनाया नया ‘A टू Z फॉर्मूला’, टिकट बंटवारे की तैयारियां अंतिम चरण में

 
बिहार चुनाव 2025: तेजस्वी यादव ने अपनाया नया ‘A टू Z फॉर्मूला’, टिकट बंटवारे की तैयारियां अंतिम चरण में

Bihar political news: बिहार विधानसभा चुनाव की तारीखों के ऐलान के साथ ही सियासी सरगर्मी अपने चरम पर है। राज्य में इस बार चुनाव दो चरणों में होंगे- पहला चरण 6 नवंबर और दूसरा चरण 11 नवंबर को। नतीजे 14 नवंबर को आएंगे। इसी बीच, आरजेडी में टिकट बंटवारे को लेकर बड़ी हलचल शुरू हो गई है। सूत्रों के मुताबिक, नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने उम्मीदवारों के चयन को लगभग अंतिम रूप दे दिया है और जल्द ही प्रत्याशियों की पहली लिस्ट जारी हो सकती है।

तेजस्वी का नया ‘A टू Z फॉर्मूला’

राजद सूत्रों के अनुसार, इस बार तेजस्वी यादव ने टिकट वितरण में जातीय समीकरणों को पूरी तरह से नया रूप देने की रणनीति अपनाई है।

पार्टी उन 144 सीटों पर दोबारा चुनाव लड़ेगी जिन पर वह 2020 में मैदान में उतरी थी।

इस बार 30 से 35 सीटें अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को देने की तैयारी है — जो आरजेडी के इतिहास में पहली बार इतनी बड़ी हिस्सेदारी होगी।

इसके अलावा, पार्टी अगड़ी जातियों (भूमिहार, राजपूत, ब्राह्मण और कायस्थ) को भी प्रतिनिधित्व देने की योजना में है। राजद 12 से 18 सीटें इन वर्गों से आने वाले उम्मीदवारों को दे सकती है।

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि यह रणनीति आरजेडी को उसकी पारंपरिक “M-Y (मुस्लिम-यादव)” राजनीति के दायरे से बाहर निकालने का प्रयास है।

कई विधायकों की टिकट पर संकट

राजद में इस बार टिकट बंटवारा सख्त मानकों पर हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक, करीब एक दर्जन मौजूदा विधायकों के टिकट काटे जा सकते हैं, खासकर वे जिन्होंने अपने क्षेत्र में काम नहीं किया या जिनके खिलाफ जनता में असंतोष है। तेजस्वी यादव ने स्पष्ट संकेत दिया है कि “जनता की नापसंदगी” अब किसी उम्मीदवार को टिकट देने में बाधा नहीं बनेगी।

एनडीए के वोट बैंक पर नजर

तेजस्वी यादव का यह “A टू Z फॉर्मूला” सीधा मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कोर वोट बैंक-यानी अति पिछड़ों- में सेंध लगाने की रणनीति मानी जा रही है। साथ ही, आरजेडी अगड़ी जातियों को भी साधने की कोशिश कर रही है, ताकि वह “सबकी पार्टी” की छवि पेश कर सके।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर तेजस्वी की यह नई सामाजिक इंजीनियरिंग सफल रही, तो यह बिहार की राजनीति में एक बड़ा समीकरण बदल सकती है और एनडीए को कड़ी चुनौती दे सकती है।

राजद की पहली उम्मीदवार सूची के किसी भी दिन जारी होने की संभावना है, और राजनीतिक गलियारों में अब सबकी निगाहें तेजस्वी यादव के अगले कदम पर टिकी हैं।