‘सीता नवमी’ पर बिहार विधान सभा अध्यक्ष की शुभकामनाएं, समाज में नैतिकता और संस्कारों को मजबूत करने का आह्वान
Bihar Politics: बिहार विधान सभा के माननीय अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने ‘जानकी नवमी’ के पावन अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं.
अपने संदेश में उन्होंने कहा कि माता सीता का प्राकट्य दिवस भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों का महत्वपूर्ण प्रतीक है. यह पर्व न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा है, बल्कि समाज को नैतिकता, त्याग, धैर्य और मर्यादा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा भी देता है.
उन्होंने कहा कि जानकी नवमी हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों की ओर लौटने और माता सीता के आदर्शों को जीवन में उतारने का अवसर प्रदान करती है. कठिन परिस्थितियों में भी धर्म और सत्य के मार्ग पर अडिग रहने का उनका जीवन हम सभी के लिए अनुकरणीय है.
गौरतलब है कि जानकी नवमी, जिसे सीता नवमी भी कहा जाता है, वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाई जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन मिथिला के राजा जनक द्वारा भूमि जोतते समय माता सीता का प्राकट्य हुआ था, जिसके कारण उन्हें ‘भूमिजा’ भी कहा जाता है.
यह पर्व विशेष रूप से मिथिला, उत्तर प्रदेश और नेपाल में श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाया जाता है. मान्यता है कि इस दिन व्रत एवं पूजन करने से सुखद वैवाहिक जीवन, अखंड सौभाग्य और संतान सुख की प्राप्ति होती है.
माननीय अध्यक्ष ने कामना की कि माता जानकी की कृपा से प्रदेश में सुख, शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहे.







