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Bihar news: भूमि मापी प्रक्रिया आसान बनाने पर सीएम नीतीश ने की राजस्व विभाग की तारीफ, समयबद्ध निपटारे का ऐलान

 
Bihar news: भूमि मापी प्रक्रिया आसान बनाने पर सीएम नीतीश ने की राजस्व विभाग की तारीफ, समयबद्ध निपटारे का ऐलान

Bihar news: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बुधवार सुबह एक ट्वीट कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के कामकाज की सराहना की है। उन्होंने कहा कि 20 नवंबर 2025 को नई सरकार बनने के कुछ ही दिनों बाद राज्य को देश के विकसित राज्यों की कतार में लाने के लिए “सात निश्चय-3” कार्यक्रम लागू किया गया है।

सीएम नीतीश ने बताया कि सात निश्चय-3 (2025–30) के तहत सातवां निश्चय “सबका सम्मान–जीवन आसान (Ease of Living)” है, जिसका उद्देश्य आम लोगों की रोजमर्रा की परेशानियों को कम करना है। इसी के तहत जमीन मापी की प्रक्रिया को आसान, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के फैसले लिए गए हैं।

भूमि मापी में देरी से बढ़ते थे विवाद

मुख्यमंत्री ने कहा कि अक्सर देखा गया है कि जमीन मापी के लिए आवेदन देने के बाद लोगों को काफी समय तक इंतजार करना पड़ता है। इससे अनावश्यक भूमि विवाद पैदा होते हैं और लोगों को परेशानी झेलनी पड़ती है। इसी समस्या को दूर करने के लिए सरकार ने विशेष कदम उठाए हैं।

31 जनवरी 2026 तक लंबित मामलों का निपटारा

सीएम नीतीश ने बताया कि 31 जनवरी 2026 तक जमीन मापी के सभी लंबित आवेदनों का निपटारा विशेष भूमि मापी अभियान के तहत कर दिया जाएगा। इसका मकसद है कि लोगों को समय पर न्याय मिले और विवाद कम हों।

तय समय में होगी जमीन की मापी

सरकार ने जमीन मापी के लिए समय-सीमा भी तय कर दी है।
    •    1 अप्रैल 2026 से अविवादित जमीन की मापी शुल्क जमा होने के 7 कार्य दिवस के भीतर होगी।
    •    विवादित जमीन की मापी शुल्क जमा होने के 11 कार्य दिवस के भीतर की जाएगी।
    •    मापी पूरी होने के बाद अमीन को 14वें दिन तक रिपोर्ट पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य होगा।

संसाधन बढ़ाने और निगरानी की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि तय समय में जमीन मापी सुनिश्चित करने के लिए राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को जरूरी कर्मचारी और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे। पूरी प्रक्रिया की कड़ी निगरानी भी की जाएगी ताकि किसी तरह की लापरवाही न हो।

जनता से मांगे सुझाव

सीएम नीतीश ने भरोसा जताया कि जमीन मापी को सरल बनाने की यह पहल प्रदेशवासियों के लिए बेहद उपयोगी होगी और उनका जीवन आसान बनेगा। उन्होंने लोगों से इस व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव भी मांगे हैं। इच्छुक लोग 25 जनवरी 2026 तक अपने सुझाव सरकार को भेज सकते हैं।

आपको बता दें कि सरकार का कहना है कि जमीन से जुड़े मामलों में अब लोगों को ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और विवाद भी कम होंगे, जिससे आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी।