Movie prime

Bihar News: विजय कुमार सिन्हा के स्वागत जुलूस का वीडियो वायरल, ‘हर्ष फायरिंग’ का दावा निकला गलत- पुलिस जांच में सच आया सामने

 
Bihar News: विजय कुमार सिन्हा के स्वागत जुलूस का वीडियो वायरल, ‘हर्ष फायरिंग’ का दावा निकला गलत- पुलिस जांच में सच आया सामने

लखीसराय/बड़हिया: दूसरी बार बिहार के उपमुख्यमंत्री और पांचवीं बार लखीसराय से विधायक बने विजय कुमार सिन्हा शुक्रवार को बड़हिया पहुंचे। उनके स्वागत के लिए समर्थकों ने जमकर उत्साह दिखाया, शहर में जुलूस निकाला और जगह-जगह फूल वर्षा की गई। इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसमें दावा किया गया कि समर्थकों ने जुलूस के दौरान हर्ष फायरिंग की है।

वीडियो सामने आते ही विभिन्न प्लेटफॉर्म पर आलोचनाएं शुरू हो गईं, लेकिन पुलिस की जांच में मामला बिल्कुल अलग निकला।

SP ने बताया—यह असली राइफल नहीं, चिड़ीमार ‘पटाखा बंदूक’ है

लखीसराय एसपी अजय कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे उपकरण को जब्त कर तकनीकी जांच कराई गई।
जांच में साफ हुआ कि—
    •    वीडियो में उपयोग हुआ उपकरण असली राइफल नहीं है
    •    यह पटाखे चलाने वाला चिड़ीमार बंदूक जैसा उपकरण है
    •    इसका उपयोग केवल आतिशबाजी और पारंपरिक समारोहों में होता है
    •    इससे किसी प्रकार का जान-माल का खतरा नहीं होता

पुलिस द्वारा आर्मरर से कराई गई जांच में पुष्टि हुई कि इसमें किसी भी प्रकार की गोली का उपयोग नहीं किया गया था, बल्कि सिर्फ बारूद आधारित पटाखा फोड़ा गया था।

स्थानीय लोगों ने भी दी परंपरा की जानकारी

स्थानीय लोगों ने बताया कि टाल क्षेत्र में ऐसी चिड़ीमार बंदूक का उपयोग वर्षों से होता आ रहा है—
    •    शादियों और उत्सवों में तेज आवाज वाली आतिशबाजी के लिए
    •    मन्नत पूरी होने पर खुशी व्यक्त करने के लिए
    •    खेतों में फसलों को नुकसान पहुंचाने वाले नीलगाय व सूअर को भगाने के लिए

उन्होंने कहा कि इसे असली बंदूक समझना गलतफहमी है।

पुलिस ने युवकों से पूछताछ कर छोड़ा

वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने दोनों युवकों को पूछताछ के लिए थाने बुलाया था।
उनकी बातों की सत्यता की जांच और उपकरण की पुष्टि होने के बाद उन्हें बॉन्ड पर छोड़ दिया गया।

एसपी की अपील: वीडियो शेयर करने से पहले सत्यता जरूर जांचें

एसपी अजय कुमार ने लोगों से अपील की कि—
    •    सोशल मीडिया पर किसी भी वीडियो या दावे को आगे बढ़ाने से पहले उसकी सत्यता परखें
    •    गलत सूचना और अफवाहें समाज में अनावश्यक तनाव उत्पन्न करती हैं
    •    ऐसी पोस्ट साझा करने से पहले दोबारा जांच कर लें

उन्होंने स्पष्ट कहा कि वायरल वीडियो में ‘फायरिंग’ जैसा दिख रहा दृश्य वास्तव में सिर्फ पटाखे की आवाज थी, किसी भी असली हथियार का उपयोग नहीं हुआ था।