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Bihar Paddy Procurement: 1 नवंबर से धान खरीद! राम कृपाल यादव के सख्त निर्देश, किसानों के लिए बड़ा अपडेट

Patna:  बिहार में 1 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीद को लेकर सहकारिता विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं. सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने दरभंगा और सारण प्रमंडल की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को खरीद प्रक्रिया पारदर्शी और व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए. साथ ही राज्य खाद्य निगम की भंडारण क्षमता बढ़ाने, गोदाम निर्माण में तेजी लाने और लंबित फसल...
 
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Patna:  बिहार में खरीफ विपणन मौसम के लिए धान अधिप्राप्ति की तैयारियों को लेकर सहकारिता विभाग ने कवायद तेज कर दी है। सहकारिता मंत्री राम कृपाल यादव ने दरभंगा और सारण प्रमंडल के अंतर्गत धान खरीद की तैयारियों, बिहार राज्य फसल सहायता योजना, गोदाम निर्माण और सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराई जा रही वित्तीय एवं अन्य सेवाओं की समीक्षा की।

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मंत्री ने निर्देश दिया कि नवंबर में धान अधिप्राप्ति शुरू होने से पहले सभी तैयारियां पूरी कर ली जाएं। साथ ही खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ समन्वय बैठक कर राज्य खाद्य निगम की भंडारण क्षमता बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। यह पहल इसलिए भी अहम है क्योंकि राज्य के कई हिस्सों में हाल में बाढ़ और फसल नुकसान की स्थिति सामने आई है।

दरभंगा और सारण में करीब 5 लाख टन धान की खरीद

समीक्षा के दौरान खरीफ विपणन मौसम 2025-26 में दोनों प्रमंडलों में हुई धान अधिप्राप्ति की प्रगति की जानकारी ली गई।

दरभंगा प्रमंडल में निर्धारित लक्ष्य के मुकाबले 2,41,105.15 मीट्रिक टन धान की खरीद हुई, जो लक्ष्य का 99.71 प्रतिशत है। वहीं सारण प्रमंडल में 2,49,323.12 मीट्रिक टन धान की अधिप्राप्ति की गई, जो निर्धारित लक्ष्य का 99.88 प्रतिशत है।

बैठक में अधिप्राप्त धान के समतुल्य चावल की राज्य खाद्य निगम को आपूर्ति की स्थिति की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने आगामी खरीद सत्र में धान अधिप्राप्ति और चावल आपूर्ति की नियमित निगरानी के निर्देश दिए।

नवंबर से पहले पूरी करनी होगी तैयारी

सहकारिता मंत्री ने कहा कि धान खरीद शुरू होने से पहले प्रशासनिक स्तर से लेकर भंडारण तक सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त होनी चाहिए। खास तौर पर भंडारण क्षमता बढ़ाना प्राथमिकता में रखा गया है।

इसके लिए खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के साथ समन्वय कर राज्य खाद्य निगम के पास उपलब्ध भंडारण क्षमता को मजबूत करने पर जोर दिया गया।

फसल सहायता योजना के लंबित मामलों पर सख्ती

बैठक में बिहार राज्य फसल सहायता योजना के तहत खरीफ 2025 के पात्र किसानों के मामलों की भी समीक्षा हुई। कई जिलों में क्षेत्रीय निरीक्षण और बहुस्तरीय सत्यापन के मामले लंबित पाए गए।

मंत्री ने अधिकारियों को लंबित मामलों का तेजी से निष्पादन करने और पात्र किसानों को योजना का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

हाल के दिनों में बिहार के कई जिलों में बाढ़ से फसल प्रभावित हुई है। सरकार ने सात बाढ़ प्रभावित जिलों में उन किसानों को भी दोबारा आवेदन का मौका देने की तैयारी की है, जो पहले चरण में आवेदन नहीं कर सके थे। इनमें सारण और दरभंगा भी शामिल हैं।

गोदाम निर्माण की भी हुई समीक्षा

समीक्षा बैठक में विभिन्न योजनाओं के तहत स्वीकृत गोदामों के निर्माण की स्थिति पर भी चर्चा हुई। भूमि संबंधी समस्याओं और निविदा प्रक्रिया में आने वाली बाधाओं को दूर करने के निर्देश दिए गए।

विश्व की सबसे बड़ी अन्न भंडारण योजना के तहत समस्तीपुर जिले में अलग-अलग क्षमता वाले गोदामों का निर्माण विभिन्न चरणों में चल रहा है। मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा कराने पर जोर दिया।

पैक्स में डिजिटल और बैंकिंग सेवाओं का विस्तार

सहकारी समितियों के माध्यम से किसानों को डिजिटल और बैंकिंग सेवाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी प्रगति की समीक्षा हुई।

दरभंगा प्रमंडल की 1,110 पैक्स समितियों में 846 की CSC ID बनाई जा चुकी है। इनमें 781 CSC केंद्र सक्रिय हैं। वहीं सारण प्रमंडल की 857 पैक्स समितियों में 561 की CSC ID बनी है और इनमें 502 केंद्र सक्रिय हैं।

‘सहकारिता में सहयोग’ पहल के तहत माइक्रो एटीएम के वितरण और संचालन की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने शेष माइक्रो एटीएम को बैंक मित्र के रूप में सक्रिय करने और पैक्स के जरिए बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने का निर्देश दिया।

हर DMA को हर महीने 100 खाते खोलने का लक्ष्य

समीक्षा में प्रत्येक DMA के माध्यम से हर महीने कम से कम 100 बैंक खाते खोलने के निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने पर भी जोर दिया गया।

मंत्री ने कहा कि सहकारी संस्थाओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने के साथ किसानों को वित्तीय सेवाओं से जोड़ना जरूरी है।

KCC के जरिए किसानों को मिला 13 करोड़ से ज्यादा का ऋण

वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 25 सितंबर 2026 तक केसीसी ऋण वितरण की भी समीक्षा की गई।

दरभंगा प्रमंडल में 3,140 किसान क्रेडिट कार्ड खातों के माध्यम से 906.67 लाख रुपये यानी करीब 9.07 करोड़ रुपये का ऋण वितरित किया गया।

वहीं सारण प्रमंडल में 874 KCC खातों के जरिए 399.13 लाख रुपये यानी करीब 3.99 करोड़ रुपये का ऋण दिया गया।

दोनों प्रमंडलों को मिलाकर किसानों को करीब 13.06 करोड़ रुपये का KCC ऋण वितरित किया गया। अधिकारियों को पात्र किसानों तक संस्थागत ऋण की पहुंच बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास करने का निर्देश दिया गया।

वेजफेड की परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश

बैठक में वेजफेड के तहत स्वीकृत आधारभूत संरचना परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई।

दरभंगा प्रमंडल में स्वीकृत 16 परियोजनाओं में 11 निर्माणाधीन और 5 पूर्ण हो चुकी हैं। वहीं सारण प्रमंडल में स्वीकृत 4 परियोजनाओं में 2 निर्माणाधीन हैं।

मंत्री ने निर्माणाधीन परियोजनाओं में तेजी लाने और सहकारी संस्थाओं के माध्यम से किसानों को मिलने वाली सुविधाओं का विस्तार करने के निर्देश दिए।

पैक्स जन औषधि केंद्र और PDS दुकानों की भी समीक्षा

बैठक में पैक्स जन औषधि केंद्रों, जन वितरण प्रणाली की दुकानों के लाइसेंस और पैक्स समितियों के अंकेक्षण की स्थिति की भी समीक्षा की गई।

मंत्री ने सहकारी समितियों को केवल धान खरीद तक सीमित रखने के बजाय किसानों को बैंकिंग, ऋण, डिजिटल सेवाओं और अन्य सुविधाओं से जोड़ने पर जोर दिया।

अधिकारियों को समयबद्ध तरीके से काम पूरा करने के निर्देश

समीक्षा बैठक में सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेन्द्र सिंह समेत दरभंगा और सारण प्रमंडल तथा विभागीय मुख्यालय के संबंधित पदाधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में मंत्री ने स्पष्ट किया कि आगामी धान अधिप्राप्ति सत्र से पहले भंडारण, खरीद, चावल आपूर्ति, फसल सहायता, गोदाम निर्माण और किसानों को वित्तीय सेवाओं से जुड़े सभी लंबित कार्यों को तेजी से पूरा किया जाए।

बिहार में हालिया बाढ़ के कारण सारण और दरभंगा समेत कई जिलों में कृषि पर असर पड़ा है, ऐसे में धान खरीद की तैयारी और फसल सहायता योजनाओं का समय पर क्रियान्वयन किसानों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।