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Bihar Politics: नई सरकार की तैयारियाँ तेज, ‘हम’ और RLM को भी मिलेगा मंत्रिमंडल में स्थान- संभावित नामों पर सियासी गर्मी बढ़ी

जदयू–भाजपा में बराबर-बराबर मंत्रालय की चर्चा, LJP(R) को 3, RLM व ‘हम’ को 1-1 सीट मिलने के संकेत; संतोष सुमन और स्नेहलता कुशवाहा के नाम सबसे आगे
 
Political news

Bihar political news: बिहार में एनडीए को मिली प्रचंड बहुमत के बाद अब सरकार गठन की प्रक्रिया पूरी रफ़्तार पकड़ चुकी है। शपथ ग्रहण की तारीख तय होने के साथ ही सबसे ज्यादा ध्यान इस बात पर है कि नीतीश कुमार के नए मंत्रिमंडल में किन चेहरों को जगह मिलेगी। सूत्रों के मुताबिक इस बार एनडीए के सभी घटक दलों को उचित प्रतिनिधित्व देने की रणनीति पर काम हो रहा है।

जदयू–भाजपा के साथ-साथ हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा (हम) और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के भी एक-एक विधायक को मंत्री बनाए जाने की संभावना ने राजनीतिक गलियारों में हलचल बढ़ा दी है।

‘हम’ कोटे से संतोष सुमन का नाम लगभग पक्का

सूत्रों की मानें तो ‘हम’ के कोटे से संतोष कुमार सुमन का मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है।
    •    सुमन पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के पुत्र हैं।
    •    पार्टी ने इस चुनाव में 6 में से 5 सीटें जीतकर गठबंधन में अपनी स्थिति मजबूत की है।
    •    संतोष सुमन पहले भी मंत्री रह चुके हैं और प्रशासनिक अनुभव के कारण उन्हें एक बार फिर महत्वपूर्ण विभाग मिलने की संभावना है।

उनकी शैक्षणिक योग्यता, संगठन पर पकड़ और मांझी कैंप के प्रभाव को देखते हुए माना जा रहा है कि इस बार भी मंत्रिमंडल में उनका स्थान सुरक्षित है।

RLM से स्नेहलता कुशवाहा सबसे मजबूत दावेदार

उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी RLM की ओर से स्नेहलता कुशवाहा का नाम सबसे आगे बताया जा रहा है।
    •    पहली बार चुनाव लड़ते हुए उन्होंने सासाराम सीट से 25,443 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
    •    उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी होने के बावजूद उनकी अपनी अलग राजनीतिक पहचान तेजी से उभरी है।
    •    12वीं पास, करीब 2.3 करोड़ की घोषित संपत्ति, और डेयरी व कृषि व्यवसाय से जुड़े होने के कारण उनकी छवि ज़मीनी नेता की बन रही है।
    •    उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला नहीं है, जिससे उन्हें “क्लीन पॉलिटिक्स” का चेहरा माना जा रहा है।

RLM ने 6 में से 4 सीटें जीतकर गठबंधन में अपनी पकड़ मजबूत की है, इसलिए मंत्रिमंडल में एक स्थान मिलना लगभग तय माना जा रहा है।

मंत्रिमंडल का आकार: 30–32 मंत्री, JDU–BJP बराबर-बराबर

सूत्रों के अनुसार नई सरकार में कुल 30 या 32 सदस्यीय कैबिनेट बनने की संभावना है।
    •    जदयू और भाजपा को बराबर-बराबर मंत्रालय दिए जाने पर सहमति बनती दिख रही है।
    •    LJP (रामविलास) के तीन नेताओं को मंत्री बनाए जाने की चर्चा ज़ोरों पर है।
    •    ‘हम’ और RLM को एक-एक मंत्रालय मिलने के कयास तेज हैं।
    •    अधिकतम 36 मंत्री बन सकते हैं, लेकिन वर्तमान में 18 संभावित नामों की पहली सूची को लेकर अंतिम मंथन चल रहा है।

दो डिप्टी सीएम पर भी चर्चाएँ गर्म

सूत्रों के अनुसार भाजपा इस बार भी दो उपमुख्यमंत्रियों का फॉर्मूला लागू करने पर विचार कर रही है।
दावेदारों में:
    •    सम्राट चौधरी
    •    मंगल पांडेय
    •    रामकृपाल यादव

के नाम सबसे ज्यादा चर्चा में हैं।
LJP(R) भी एक डिप्टी सीएम पद की दावेदारी कर रही है, हालांकि अंतिम फैसला भाजपा नेतृत्व ही करेगा।

नई सरकार में NDA सहयोगियों की भूमिका होगी अहम

‘हम’ और RLM के शामिल होने से एनडीए की सामाजिक और राजनीतिक दोनों रणनीतियाँ मजबूत होने की उम्मीद है।
शपथ ग्रहण से पहले अंतिम सूची जारी हो सकती है, लेकिन संकेत साफ हैं- नई सरकार में NDA के छोटे सहयोगी भी मजबूत भूमिका में नज़र आएंगे।