बांकीपुर से BJP का चुनावी हुंकार, संजय सरावगी का प्रशांत किशोर और तेजस्वी यादव पर तीखा हमला
Bihar Political News: पटना की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी तेज हो गई है। भाजपा उम्मीदवार अभिषेक कुमार सिन्हा उर्फ बंटी के नामांकन के बाद आयोजित जनसभा में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेजस्वी यादव पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर में एनडीए की जीत तय है और बाकी उम्मीदवार केवल मुकाबले में बने रहने या वोटों का समीकरण बिगाड़ने के लिए मैदान में हैं।
नामांकन सभा को संबोधित करते हुए संजय सरावगी ने बिना नाम लिए प्रशांत किशोर पर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग पहले राजनीति छोड़ने की बात करते थे, लेकिन आज वही लोग फिर बिहार और बांकीपुर में घूमकर बड़े-बड़े दावे कर रहे हैं। सरावगी ने कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान किए गए दावों के उलट नतीजे आने के बाद भी उन्होंने अपने बयान पर अमल नहीं किया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ही ऐसी पार्टी है, जहां बूथ स्तर का कार्यकर्ता भी मेहनत और संगठन के बल पर बड़ा दायित्व हासिल कर सकता है। उन्होंने अभिषेक सिन्हा को संगठन से निकला हुआ जमीनी कार्यकर्ता बताते हुए जनता से उन्हें रिकॉर्ड मतों से जिताने की अपील की।
सभा के दौरान उन्होंने राजद नेता तेजस्वी यादव पर भी निशाना साधा। सरावगी ने कहा कि बिहार में चुनावी माहौल है, लेकिन विपक्ष के प्रमुख नेता राज्य से बाहर हैं। उनके अनुसार इससे साफ संकेत मिलता है कि विपक्ष ने पहले ही अपनी हार स्वीकार कर ली है।
उन्होंने कहा कि बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व विधायक नितिन नवीन के कार्यकाल में विकास के कई काम हुए हैं और अब अभिषेक सिन्हा उसी विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए चुनाव मैदान में हैं। उन्होंने मतदाताओं से भाजपा उम्मीदवार को भारी बहुमत से विजयी बनाने की अपील की।
जनसभा में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत भाजपा, जदयू, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, राष्ट्रीय लोक मोर्चा और लोजपा (रामविलास) के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
वहीं, बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी ने भी सभा को संबोधित करते हुए विश्वास जताया कि बांकीपुर की जनता इस बार एनडीए उम्मीदवार को रिकॉर्ड मतों से जीत दिलाएगी। उन्होंने कहा कि जनता का रुझान स्पष्ट है और चुनाव परिणाम केवल औपचारिकता भर रह गया है।







