“अंधा-काना…” टिप्पणी पर बवाल! पप्पू यादव के बयान से बिहार की राजनीति सुलगी
Bihar political news: बिहार की सियासत में एक बार फिर बयानबाज़ी ने ताप बढ़ा दिया है। पूर्णिया के सांसद पप्पू यादव ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को लेकर ऐसा बयान दे दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में तूफ़ान ला दिया है। मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने न सिर्फ रामभद्राचार्य के बारे में आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया, बल्कि उनके नेत्रहीन होने का उपहास भी उड़ाया, जिसके बाद विरोध तेज हो गया है।
पप्पू यादव क्या बोले?
एक टीवी चैनल से बात करते हुए पप्पू यादव ने कहा- “रामभद्राचार्य कौन हैं, हम नहीं जानते… ये अंधा, काना, बहरा, गूंगा जो होते हैं, इन सबका इलाज अंबेडकरवादी विचारों से होगा।”
उन्होंने आगे दावा किया कि अम्बेडकर पहले ही कह चुके हैं कि “हम वासुदेव कुटुंब, सनातन वाले लोग हैं, धार्मिक कट्टरता वाले नहीं।” इसी बातचीत में पप्पू यादव ने रामभद्राचार्य को “विदेशी आर्य परंपरा का” बताया और उनसे “अपने बयानों पर पुनर्विचार” की अपील करने की बात कही।
सोनिया गांधी को लेकर भी दिया तीखा बयान
इंटरव्यू के दौरान पप्पू यादव सोनिया गांधी के समर्थन में भी सामने आए। उन्होंने कहा-“सोनिया गांधी इस देश की बहू हैं, देश की माँ हैं। जो लोग उनका अपमान करते हैं, वे उनके पैर की धूल के भी लायक नहीं। ऐसे लोगों को तो यमुना के गंदे पानी में डूबा देना चाहिए।”
उनके इस बयान ने विवाद को और भड़का दिया है। सोशल मीडिया पर पप्पू यादव की टिप्पणी को लेकर तीखी प्रतिक्रियाएँ सामने आ रही हैं।
विवाद की जड़: रामभद्राचार्य का पुराना बयान
कुछ दिन पहले चित्रकूट के एक कार्यक्रम में रामभद्राचार्य ने कहा था—
• एससी/एसटी एक्ट खत्म कर देना चाहिए
• वेदों में सवर्ण-अवर्ण का कोई उल्लेख नहीं
• जाति आधारित आरक्षण की जरूरत नहीं
• और सोनिया गांधी “भारतीय नहीं हैं”
उनके इस बयान के बाद से ही राजनीतिक हलकों में बहस तेज थी, जिस पर अब पप्पू यादव की टिप्पणी ने आग में घी का काम कर दिया है।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएँ तेज
पप्पू यादव के बयान को लेकर अलग-अलग दलों के नेता उनके खिलाफ उतर आए हैं। कई संगठनों ने इसे “दिव्यांगजनों का अपमान” बताया है, तो कई इसे “सस्ती लोकप्रियता” की कोशिश कह रहे हैं।
बहरहाल, दोनों पक्षों के बयानों से राजनीति में तनाव साफ दिख रहा है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर गर्मागर्मी और बढ़ने की संभावना है।







