बिहार विधानसभा के बाहर बसपा विधायक का धरना, अंदर भी हंगामा; नीट पेपर लीक और छात्र मुद्दे पर गरमाया सदन
Patna News: बिहार विधानसभा के मानसून सत्र के चौथे दिन सदन के बाहर से लेकर अंदर तक राजनीतिक माहौल गरम रहा। नीट पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर बसपा विधायक सतीश यादव विधानसभा परिसर के पोर्टिको में धरने पर बैठ गए। उनके धरना स्थल पर एक ओर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की तस्वीर लगाई गई, जबकि दूसरी ओर शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग वाला पोस्टर नजर आया।
बसपा विधायक ने तीन प्रमुख मांगों को लेकर विरोध जताया। इनमें पेपर लीक के दोषियों को सजा देने, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई बंद करने की मांग शामिल है।
वहीं, विधानसभा परिसर में विपक्षी विधायकों का प्रदर्शन भी जारी रहा। नीट पेपर लीक और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के मुद्दे को लेकर विपक्ष ने सरकार और केंद्र के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने ‘भाजपा हटाओ, शिक्षा बचाओ’ जैसे नारे लगाते हुए परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई।
सदन के अंदर भी सत्ता पक्ष-विपक्ष आमने-सामने
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही सदन के अंदर भी हंगामा शुरू हो गया। बीजेपी विधायक श्याम बाबू यादव ने पटना के डाकबंगला चौराहे पर हुए छात्र प्रदर्शन का मुद्दा उठाते हुए आरोप लगाया कि प्रदर्शन के दौरान उन्हें और उनके सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि घटना में उनकी जान को खतरा पैदा हो गया था।
इस बयान के बाद सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक आमने-सामने आ गए। सदन में तीखी बहस और नोकझोंक के बीच माहौल लगातार बिगड़ता गया। स्थिति को देखते हुए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने सदस्यों को शांत कराने की कोशिश की और कहा कि “यह सदन है, कोई युद्ध का मैदान नहीं।”
हंगामा थमने का नाम नहीं लेने पर विधानसभा अध्यक्ष ने कार्यवाही को शुरू होने के करीब आठ मिनट बाद ही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया।
विधानसभा के बाहर विपक्ष का प्रदर्शन और अंदर सदस्यों के बीच तीखी तकरार ने मानसून सत्र के चौथे दिन को पूरी तरह हंगामेदार बना दिया। नीट पेपर लीक और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई का मुद्दा फिलहाल बिहार की राजनीति के केंद्र में बना हुआ है।







