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नेतृत्व में बदलाव: बिहार विधान परिषद में 6 नेताओं को मिली नई कमान

Bihar: सूत्रों के अनुसार, नई कमान संभालने वाले नेताओं को अलग-अलग विभागीय और संसदीय जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिससे सदन की कार्यवाही, समन्वय और निर्णय प्रक्रिया को और सशक्त किया जा सके. नेतृत्व में हुए इस फेरबदल से आगामी सत्रों में विधान परिषद की भूमिका और सक्रिय होने की उम्मीद जताई जा रही है.
 
BIHAR

Bihar: बिहार विधान परिषद में संगठनात्मक स्तर पर बड़ा बदलाव किया गया है. परिषद के कामकाज को अधिक प्रभावी और सुचारु बनाने के उद्देश्य से 6 नेताओं को अहम जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. इस बदलाव को राजनीतिक संतुलन और प्रशासनिक मजबूती की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है.

सूत्रों के अनुसार, नई कमान संभालने वाले नेताओं को अलग–अलग विभागीय और संसदीय जिम्मेदारियां दी गई हैं, जिससे सदन की कार्यवाही, समन्वय और निर्णय प्रक्रिया को और सशक्त किया जा सके. नेतृत्व में हुए इस फेरबदल से आगामी सत्रों में विधान परिषद की भूमिका और सक्रिय होने की उम्मीद जताई जा रही है.

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की सिफारिश पर बिहार विधान परिषद में सत्ता पक्ष के 6 वरिष्ठ नेताओं को नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं. संसदीय कार्य विभाग ने 15 मई से प्रभावी इस नए मनोनयन की आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है. इस फैसले के तहत सदन में सुचारू कामकाज के लिए नए नेता, उपनेता, मुख्य सचेतक, उपमुख्य सचेतक और सचेतकों की नियुक्ति की गई है. सरकार ने यह कदम आगामी सत्रों में विधायी कार्यों को गति देने और पार्टी के भीतर क्षेत्रीय व सामाजिक संतुलन को साधने के उद्देश्य से उठाया है.

ललन सर्राफ और राजेंद्र गुप्ता को मिला मंत्री का दर्जा

इस नए बदलाव के तहत ललन कुमार सर्राफ और प्रो. राजेंद्र प्रसाद गुप्ता को विधान परिषद में उपनेता की जिम्मेदारी दी गई है. सरकार ने इन दोनों ही नेताओं को कैबिनेट मंत्री स्तर की सुविधाएं और भत्ते प्रदान करने का फैसला किया है. इस फैसले से सदन में सत्ता पक्ष की पकड़ और मजबूत होने की उम्मीद है. जनता दल यूनाइटेड (जदयू) के वरिष्ठ विधान पार्षद संजय कुमार सिंह को सदन में मुख्य सचेतक की बड़ी भूमिका मिली है. मुख्य सचेतक के रूप में वह सदन के भीतर पार्टी लाइन को लागू कराने का काम करेंगे. सरकार ने संजय कुमार सिंह को भी कैबिनेट मंत्री के समकक्ष सुविधाएं दी हैं.

जनक राम को उपमुख्य सचेतक की जिम्मेदारी

भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख नेता जनक राम को उपमुख्य सचेतक पद पर मनोनीत किया गया है. उनके साथ ही नीरज कुमार और रीना देवी को सचेतक की जिम्मेदारी सौंपी गई है. इन तीनों ही नेताओं को राज्य मंत्री का दर्जा और सुविधाएं दी गई हैं. यह कदम संगठन में जमीनी नेताओं को आगे बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है.

विधान परिषद में नियुक्तियों के साथ ही राज्य सरकार ने २० सूत्री कार्यक्रमों को गति देने वाली राज्यस्तरीय कार्यान्वयन समिति का भी दोबारा गठन किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस महत्वपूर्ण समिति के अध्यक्ष बने हैं. वहीं उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी को इस समिति का कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया है.

संजय सरावगी और उमेश कुशवाहा बने उपाध्यक्ष

समिति को प्रभावी बनाने के लिए संजय सरावगी और उमेश सिंह कुशवाहा को उपाध्यक्ष पद की कमान दी गई है। इनके साथ ही ललन कुमार मंडल भी उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। दोनों उपाध्यक्षों को राज्य मंत्री का दर्जा दिया जाएगा। समिति में चेतन आनंद, संगीता कुमारी, भरत बिन्द और मुरारी प्रसाद गौतम सहित कई विधायकों को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सभी सदस्यों को उप मंत्री का दर्जा मिलेगा, जबकि उनके वर्तमान वेतन और भत्ते पूर्ववत जारी रहेंगे