राहुल गांधी पर चिराग पासवान का तंज, बोले- अदालत में दलीलें नहीं चलीं तो सड़क पर उतरकर दबाव बनाने लगे
बिहार की राजनीति से लेकर राष्ट्रीय सियासत तक अपनी बेबाक बयानबाजी के लिए चर्चा में रहने वाले केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने अब राहुल गांधी पर निशाना साधा है। दिल्ली में एसआईआर के विरोध और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर इंडिया गठबंधन के सुप्रीम कोर्ट मार्च पर चिराग ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अदालत में दलीलें नहीं चलीं, तो विपक्ष सड़क पर उतरकर अदालत पर दबाव बनाने की कोशिश करने लगा।
चिराग पासवान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर राहुल गांधी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी संविधान की किताब हाथ में लेकर घूमते रहे, लेकिन संविधान का पाठ आखिरकार देश के मुख्य न्यायाधीश ने ही उन्हें पढ़ाया। नेता प्रतिपक्ष ज्ञापन लेकर निकले थे, लेकिन मुख्य न्यायाधीश से सबक लेकर लौटे।
चिराग ने आगे कहा कि न्याय याचिका के जरिए मांगा जाता है, ज्ञापन के जरिए नहीं। एसआईआर के मामले में सुप्रीम कोर्ट अपना फैसला सुना चुका है। ऐसे में अदालत में दलीलें नहीं चलने के बाद सड़क पर उतरकर न्यायपालिका पर दबाव बनाने की कोशिश करना उचित नहीं है।
दरअसल, सोमवार को इंडिया गठबंधन के नेताओं और विपक्षी सांसदों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने और एसआईआर के विरोध में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च निकाला। मार्च निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार बारहखंभा से शुरू हुआ, लेकिन सुप्रीम कोर्ट पहुंचने से पहले ही मंडी हाउस के पास पुलिस ने इसे रोक दिया।
प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों और सुरक्षा बलों की तैनाती की गई थी। सुप्रीम कोर्ट की ओर जाने वाली सड़क को भी बंद कर दिया गया था। मार्च में कांग्रेस नेता राहुल गांधी के साथ समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कई अन्य विपक्षी नेता शामिल हुए।
इससे पहले विपक्षी सांसदों ने मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपने की कोशिश की थी। हालांकि, सीजेआई ने उनसे मिलने से इनकार करते हुए अनुच्छेद 32 के तहत न्यायिक प्रक्रिया का सहारा लेने की सलाह दी थी। इसके बाद राहुल गांधी ने याचिका दायर की।
वहीं, राहुल गांधी ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि न्याय मिलने तक उनकी लड़ाई जारी रहेगी। मार्च के स्वरूप को लेकर उन्होंने इसे शिवजी के डांस और शिव बारात से जोड़ते हुए कहा कि इसमें कोई भी शामिल हो सकता है।
अब इस पूरे घटनाक्रम को लेकर सियासत तेज हो गई है। एक तरफ विपक्ष एसआईआर के मुद्दे पर आंदोलन जारी रखने की बात कह रहा है, तो दूसरी तरफ चिराग पासवान ने विपक्ष की रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं।







