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बड़बोलेपन ने छीना जनाधार- तेजस्वी के आरोपों पर चिराग पासवान का तीखा पलटवार, बोले: अगली बार डबल डिजिट भी मुश्किल

 
बड़बोलेपन ने छीना जनाधार- तेजस्वी के आरोपों पर चिराग पासवान का तीखा पलटवार, बोले: अगली बार डबल डिजिट भी मुश्किल

Bihar political update: विदेश यात्रा से लौटते ही राजद नेता और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए सरकार पर वादा खिलाफी व धनबल से सत्ता हासिल करने के आरोप लगाए। तेजस्वी के इन बयानों पर केंद्रीय मंत्री और लोजपा (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान ने करारा जवाब देते हुए कहा कि जनता से दूरी और लगातार गलतबयानी के कारण ही राजद का जनाधार खिसक गया है।

“यही रवैया रहा तो डबल डिजिट भी सपना”

चिराग पासवान ने साफ शब्दों में कहा कि तेजस्वी यादव का यह बड़बोलापन ही उनकी बड़ी हार की वजह बना। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि अगर यही राजनीति जारी रही, तो अगली बार राजद का आंकड़ा डबल डिजिट तक पहुंचना भी मुश्किल हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष की जिम्मेदारी निभाने के बजाय तेजस्वी यादव शीतकालीन सत्र छोड़कर विदेश यात्रा पर चले गए और लौटते ही सरकार को 100 दिनों का अल्टीमेटम दे दिया।

100 दिन नहीं, “पांच साल चुप रहें”

तेजस्वी के 100 दिन तक सरकार पर कुछ न बोलने के ऐलान पर चिराग पासवान ने पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें पांच साल तक चुप रहना चाहिए, क्योंकि उनके पास बोलने के लिए कुछ बचा ही नहीं है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी लगातार जनादेश का अपमान कर रहे हैं—कभी ईवीएम तो कभी एसआईआर पर सवाल खड़े करते हैं। जहां जीत मिलती है, वहां सब ठीक लगता है और हारते ही सिस्टम पर सवाल शुरू हो जाते हैं।

हार की समीक्षा करें, बहाने नहीं

चिराग पासवान ने याद दिलाया कि 2010 के बाद से ही राजद और कांग्रेस की सियासी स्थिति सबके सामने है। उन्होंने कहा कि 2015 में अगर नीतीश कुमार का साथ नहीं मिला होता, तो राजद कभी दोबारा खड़ा ही नहीं हो पाता। 2020 में भी अगर लोजपा एनडीए में होती, तो राजद को अपनी वास्तविक ताकत का अंदाजा लग जाता।
उन्होंने सलाह दी कि तेजस्वी यादव को पहले अपनी हार की समीक्षा करनी चाहिए, उसके बाद आरोप लगाने चाहिए।

विधायकों और कार्यकर्ताओं से कट चुके हैं तेजस्वी

चिराग ने कहा कि तेजस्वी यादव के लंबे मौन और निष्क्रियता से उनके विधायक निराश हैं। कार्यकर्ताओं से कोई संवाद नहीं है। उन्होंने दावा किया कि जिस तरह हालात हैं, उससे साफ है कि राजद अपना जनाधार खो चुका है और वह दिन दूर नहीं जब तेजस्वी नेता प्रतिपक्ष के लायक भी नहीं रहेंगे।

एनडीए अपने वादों पर कायम

अंत में चिराग पासवान ने कहा कि एनडीए ने जो भी वादे अपने मेनिफेस्टो में किए हैं, उन्हें पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष को मौन रहने के बजाय सार्थक सवाल पूछने चाहिए, सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

राजनीतिक गलियारों में चिराग पासवान का यह बयान तेजस्वी यादव के लिए सीधी चेतावनी के तौर पर देखा जा रहा है, जिसने बिहार की सियासत में बयानबाज़ी की आग और तेज कर दी है।