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CM सम्राट का बड़ा ऐलान! बिहार के 100 प्रोफेसर जाएंगे विदेश, मिलेगी International Trainning

Bihar: बिहार में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक ले जाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल का ऐलान किया है. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार के करीब 100 सहायक प्रोफेसरों को ऑक्सफोर्ड समेत दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में करीब एक महीने की ट्रेनिंग के लिए भेजा जाएगा. इसका पूरा खर्च बिहार सरकार उठाएगी.
 
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Bihar: बिहार में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए राज्य सरकार ने बड़ी पहल का ऐलान किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि बिहार के करीब 100 सहायक प्रोफेसरों को ऑक्सफोर्ड समेत दुनिया के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों में प्रशिक्षण के लिए भेजा जाएगा। इस ट्रेनिंग का पूरा खर्च राज्य सरकार वहन करेगी। शिक्षकों को करीब एक महीने का प्रशिक्षण दिलाने की तैयारी है।

माननीय मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी जी के कर-कमलों द्वारा बिहार ग्रामीण  जीविकोपार्जन प्रोत्साहन समिति (जीविका) के अंतर्गत नव चयनित ...

मुख्यमंत्री ने रविवार को पटना के बापू सभागार में आयोजित 211 नए डिग्री कॉलेजों में नवनियुक्त शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अब क्वांटिटी के साथ-साथ क्वालिटी पर भी विशेष ध्यान देना होगा।

ऑक्सफोर्ड समेत 10 बड़े संस्थानों से जुड़ेगा बिहार

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार में बेहतर शिक्षा का लक्ष्य तभी हासिल किया जा सकता है, जब राज्य की शिक्षा व्यवस्था को दुनिया के बेहतरीन शिक्षण संस्थानों से जोड़ा जाए। उन्होंने शिक्षा विभाग और अधिकारियों को ऐसे संस्थानों की पहचान करने का निर्देश दिया, जहां से बिहार के शिक्षकों और विद्यार्थियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर का प्रशिक्षण और अनुभव मिल सके।

मुख्यमंत्री के अनुसार, करीब 100 शिक्षकों का चयन कर उन्हें ऑक्सफोर्ड समेत दुनिया के बड़े विश्वविद्यालयों में करीब एक महीने की ट्रेनिंग दिलाई जाएगी। इस प्रशिक्षण का पूरा खर्च बिहार सरकार उठाएगी।

सरकार करीब 10 प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्थानों को चिन्हित कर उनके साथ संवाद स्थापित करने की दिशा में भी काम करेगी। मुख्यमंत्री ने शिक्षकों से अपील की कि यदि उन्हें किसी ऐसे विदेशी विश्वविद्यालय या संस्थान की जानकारी है, जहां से बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को फायदा मिल सकता है, तो इसकी जानकारी शिक्षा विभाग को दें।

क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार में पिछले वर्षों के दौरान शिक्षा का विस्तार हुआ और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा से जोड़ने पर जोर दिया गया। अब समय शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का है।

उन्होंने कहा कि बिहार को क्वालिटी और क्वांटिटी दोनों के साथ आगे बढ़ना होगा। दुनिया के जिन विश्वविद्यालयों में आधुनिक तकनीक, नई शिक्षण पद्धतियों और बेहतर अकादमिक मॉडल का इस्तेमाल हो रहा है, उनके अनुभवों को बिहार के कॉलेजों तक पहुंचाया जाएगा।

सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को बिहार में रहते हुए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप शिक्षा और संसाधन उपलब्ध कराना है।

कॉलेजों में 75 फीसदी उपस्थिति पर जोर

मुख्यमंत्री ने कॉलेजों में विद्यार्थियों की उपस्थिति को लेकर भी स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि केवल नए कॉलेज खोलने और भवन तैयार करने से उच्च शिक्षा का उद्देश्य पूरा नहीं होगा। विद्यार्थियों का नियमित रूप से कॉलेज आना और पढ़ाई करना भी जरूरी है।

उन्होंने कॉलेजों में विद्यार्थियों की कम से कम 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इसके लिए निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की बात भी कही गई है।

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त शिक्षकों से अपील की कि वे विद्यार्थियों को कॉलेज तक लाने और बेहतर शैक्षणिक माहौल तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।

कॉलेजों में शुरू होंगी लाइव क्लासेज

बिहार के डिग्री कॉलेजों में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की भी तैयारी है। मुख्यमंत्री ने कॉलेजों में लाइव क्लासेज शुरू करने पर जोर दिया।

लाइव क्लास के जरिए विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों और बेहतर शैक्षणिक संसाधनों से जोड़ा जा सकेगा। खासकर ग्रामीण और दूरदराज के कॉलेजों के विद्यार्थियों को इसका फायदा मिलने की उम्मीद है। ऐसे विषयों की पढ़ाई भी विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से कराई जा सकती है, जिनके शिक्षक हर कॉलेज में उपलब्ध नहीं हैं।

डिग्री कॉलेजों को ओपन यूनिवर्सिटी की मान्यता देने की तैयारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के डिग्री कॉलेजों को ओपन यूनिवर्सिटी की मान्यता देने की दिशा में भी सरकार काम करेगी। इसका उद्देश्य उच्च शिक्षा को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

उन्होंने कहा कि बिहार की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पारंपरिक शिक्षा मॉडल के साथ आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों के अनुभवों को भी जोड़ा जाएगा।

211 नए डिग्री कॉलेजों में नियुक्त हुए शिक्षक

पटना में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 211 नए डिग्री कॉलेजों में नवनियुक्त शिक्षकों के उन्मुखीकरण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने उच्च शिक्षा में सुधार के लिए सरकार की प्राथमिकताओं को सामने रखा।

100 सहायक प्रोफेसरों को विदेश में प्रशिक्षण, लाइव क्लासेज, विद्यार्थियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति और अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से जुड़ाव जैसी योजनाओं के जरिए बिहार की उच्च शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देने की तैयारी है।

हालांकि, 100 शिक्षकों के चयन, संबंधित विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ समझौते और प्रशिक्षण की विस्तृत प्रक्रिया को लेकर आगे की आधिकारिक जानकारी का इंतजार रहेगा।