टिकट की दौड़ के बीच गिरी गाज: कांग्रेस प्रत्याशी दावेदार विनय सिंह भ्रष्टाचार केस में गिरफ्तार
Patna Desk: लखीसराय विधानसभा सीट पर कांग्रेस का टिकट पाने की जंग इस समय चरम पर है। दावेदारों की जोरदार लॉबिंग ने न सिर्फ जिला मुख्यालय बल्कि प्रदेश मुख्यालय तक हलचल बढ़ा दी है। इस बीच एक बड़ी ख़बर सामने आई है—कांग्रेस के संभावित उम्मीदवार और राजद एमएलसी अजय सिंह के भाई विनय सिंह को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) हजारीबाग ने गिरफ्तार कर लिया है।
कांग्रेस प्रत्याशी की दावेदारी पर लगा सवालिया निशान
विनय सिंह कारोबारी पृष्ठभूमि से आते हैं और संसाधनों से मजबूत माने जाते रहे हैं। यही वजह थी कि कांग्रेस स्क्रीनिंग कमिटी में उनका नाम गंभीरता से लिया गया और उन्हें लखीसराय से डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के खिलाफ संभावित दावेदार के तौर पर देखा जा रहा था। लेकिन गिरफ्तारी के बाद उनकी दावेदारी पर बड़ा प्रश्नचिह्न लग गया है।
जमीन घोटाले में गिरफ्तारी
एसीबी की प्रेस रिलीज़ के मुताबिक, विनय सिंह को जमीन की अवैध जमाबंदी से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि उन्होंने 2013 में राजस्व और भूमि सुधार विभाग द्वारा रद्द किए गए पाँच भूखंडों को फिर से दर्ज करा लिया। इसमें जेल में बंद आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे की मिलीभगत भी सामने आई है। बताया जा रहा है कि पूरे खेल का फायदा विनय सिंह ने खरीदार और लाभार्थी दोनों रूप में उठाया।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश बना आधार
इस मामले की परतें तब खुलीं जब सुनवाई के दौरान सर्वोच्च न्यायालय के 1996 के आदेश का हवाला दिया गया। उस आदेश में साफ कहा गया था कि जंगल दर्ज भूमि का इस्तेमाल बिना वन विभाग की अनुमति नहीं किया जा सकता। एसीबी का मानना है कि विनय सिंह की गिरफ्तारी से इस बड़े घोटाले के और पहलुओं पर भी रोशनी डाली जा सकेगी।
लखीसराय की राजनीति में भूचाल
गिरफ्तारी से कांग्रेस खेमे में हड़कंप मच गया है। टिकट की रेस में पहले से ही गहमागहमी थी, अब इस घटना ने सियासी समीकरण और जटिल कर दिए हैं। वहीं अजय सिंह, जो इस समय राजद से एमएलसी हैं, पहले ही कह चुके हैं कि विजय कुमार सिन्हा अब लखीसराय से विधायक नहीं बन पाएंगे। लेकिन उनके भाई की गिरफ्तारी ने कांग्रेस की रणनीति पर सीधा असर डाल दिया है।
आगे की राह मुश्किल
बिहार विधानसभा चुनाव से पहले लखीसराय का राजनीतिक तापमान इस घटना से और बढ़ गया है। कांग्रेस किसे टिकट देती है और चुनावी जंग में कौन बाज़ी मारता है, यह देखना दिलचस्प होगा।







