शराबबंदी पर NDA में दरार? भाजपा विधायक विनय बिहारी का बड़ा बयान- ‘या तो पूरी सख्ती, नहीं तो कानून खत्म’
विधायक ने दावा किया कि प्रतिबंध के बावजूद अवैध शराब की बिक्री बेरोकटोक जारी है। उन्होंने कहा कि शादी-ब्याह जैसे आयोजनों में बड़ी संख्या में लोग नशे की हालत में नजर आते हैं। “जब खपत जारी है, तभी तो पुलिस रोज बड़ी खेप पकड़ रही है,” उन्होंने तर्क दिया।
‘युवा जा रहे हैं और घातक नशों की ओर’
विनय बिहारी ने चिंता जताई कि शराब पर रोक के बाद युवाओं में गांजा, अफीम, चरस और सुलेशन जैसे खतरनाक नशों की प्रवृत्ति बढ़ रही है। उनके मुताबिक, यदि जब्त शराब को अन्य राज्यों में बेचने या नीति में बदलाव पर विचार किया जाए, तो सरकार को करोड़ों रुपये का राजस्व मिल सकता है, जो फिलहाल अवैध चैनलों में जा रहा है।
गुटखा पर भी पूर्ण प्रतिबंध की मांग
विधायक ने शराब के साथ-साथ गुटखा पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि इससे युवाओं में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां बढ़ रही हैं। अश्लील गानों पर रोक के सरकारी फैसले का स्वागत करते हुए उन्होंने कड़े सेंसर सिस्टम की भी मांग की, ताकि सामाजिक मर्यादा बनी रहे।
‘विधायकों का भी हो ब्लड टेस्ट’
बयान के दौरान उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि विधानसभा के सभी विधायकों का ब्लड टेस्ट होना चाहिए, ताकि पारदर्शिता बनी रहे। उनका संकेत था कि कानून बनाने वालों को भी उसके पालन में उदाहरण पेश करना चाहिए।
अंत में विधायक ने कहा कि आधे-अधूरे कानून समाज में भ्रम और भ्रष्टाचार को जन्म देते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे किसी भी प्रकार के नशे के समर्थक नहीं हैं, लेकिन मौजूदा नीति की खामियों पर गंभीर चर्चा जरूरी है।
इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में नई बहस छिड़ने के आसार हैं, खासकर तब जब शराबबंदी राज्य की प्रमुख नीतियों में से एक रही है।







