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राज्यसभा चुनाव का बिगुल: भारत निर्वाचन आयोग ने घोषित की तारीख, बिहार से बड़ा नाम बनकर उभरे नितिन नबीन, सियासी समीकरण तेज़

 
राज्यसभा चुनाव का बिगुल: भारत निर्वाचन आयोग ने घोषित की तारीख, बिहार से बड़ा नाम बनकर उभरे नितिन नबीन, सियासी समीकरण तेज़
Patna Desk: भारत निर्वाचन आयोग ने राज्यसभा की 37 सीटों पर चुनाव की तारीखों का ऐलान कर दिया है। 10 राज्यों की इन सीटों के लिए मतदान 16 मार्च को होगा। अलग-अलग राज्यों में खाली हो रही सीटों को भरने के लिए पूरी चुनाव प्रक्रिया एक साथ पूरी की जाएगी। महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कई राज्यों में सियासी हलचल तेज हो गई है।

बिहार की 5 सीटों पर चुनाव खास तौर पर दिलचस्प माना जा रहा है। यहां जिन सदस्यों का कार्यकाल पूरा हो रहा है उनमें राजद के अमरेंद्र धारी सिंह और प्रेम चंद गुप्ता, जदयू के रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह, तथा रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा शामिल हैं। मौजूदा संख्या बल को देखते हुए इस बार कई पुराने चेहरों की वापसी आसान नहीं दिख रही।

विधानसभा के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारतीय जनता पार्टी सबसे बड़ी ताकत के रूप में खड़ी है, जबकि जनता दल यूनाइटेड भी मजबूत स्थिति में है। इसके उलट राष्ट्रीय जनता दल के पास सीमित विधायक संख्या है, जिससे उसके लिए एक से ज्यादा सीट निकालना कठिन माना जा रहा है।

एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का समर्थन जरूरी है। ऐसे में विपक्षी खेमे को अतिरिक्त समर्थन जुटाना पड़ेगा। निर्दलीय और छोटे दलों की भूमिका इस बार निर्णायक हो सकती है।

इस चुनाव में सबसे चर्चित नाम नितिन नवीन का माना जा रहा है। पार्टी संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिलने के बाद उनके उच्च सदन में जाने की चर्चा तेज है। वहीं जदयू खेमे में रामनाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह को दोबारा भेजा जाएगा या नहीं—इस पर अभी सस्पेंस बना हुआ है।

उधर रालोमो की सीट पर भी खींचतान संभव है। चिराग पासवान की पार्टी के अधिक विधायकों के चलते NDA के भीतर ही दावेदारी का समीकरण बदल सकता है। सूत्रों का कहना है कि NDA इस चुनाव में पूरी ताकत के साथ उतरकर विपक्ष को बड़ा झटका देने की रणनीति पर काम कर रहा है।

राज्यसभा की ये सीटें सिर्फ चुनाव नहीं बल्कि बिहार की बदलती सियासी ताकत का नया संकेत देने जा रही हैं।