बांकीपुर सीट बनी महागठबंधन की चुनौती, RJD और कांग्रेस के बीच नहीं बन पा रही सहमति
Bihar Politics: आगामी चुनाव को लेकर महागठबंधन के भीतर राजनीतिक गतिविधियाँ तेज हो गई हैं. राष्ट्रीय जनता दल (राजद) और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने बांकीपुर विधानसभा सीट को लेकर अपना-अपना दावा जमकर पेश किया है, जिससे महागठबंधन में घमासान का माहौल बन गया है.

राजद ने दावा किया है कि यह सीट उसकी पारंपरिक पैठ वाली है और पार्टी को यहां से मजबूत उम्मीदवार उतारने का पूरा आधार है. वहीं कांग्रेस का कहना है कि गठबंधन को मजबूत करने के लिए उसे इसी सीट पर दावा करना चाहिए, क्योंकि वहां उनकी मजबूती और स्थानीय समर्थन है.

बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव को लेकर महागठबंधन के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. इस सीट पर टिकट को लेकर आरजेडी और कांग्रेस आमने-सामने आ गए हैं. पहले कांग्रेस, प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज को समर्थन देने की बात कह रही थी, लेकिन अब उसने खुद बांकीपुर सीट पर दावा ठोक दिया है. वहीं, आरजेडी ने भी अपना उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है.
आरजेडी और कांग्रेस के अपने-अपने तर्क
आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी ने कहा कि बांकीपुर में आरजेडी अपना उम्मीदवार देगी. उनका तर्क है कि पिछले विधानसभा चुनाव में उनके प्रत्याशी को करीब 44000 वोट मिले थे, इसलिए पार्टी यहां सबसे मजबूत है. दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने बांकीपुर को कांग्रेस की पारंपरिक सीट बताया है.
![]()
कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि अगर गठबंधन का कोई दल बिना बात किए अपना दावा पेश कर रहा है, तो इसका मतलब है कि वे गठबंधन का सम्मान नहीं कर रहे हैं. ऐसी स्थिति में वे किसी का भी साथ देने के लिए मजबूर नहीं हैं.
महागठबंधन की इस लड़ाई पर सत्ता पक्ष ने निशाना साधा है. बीजेपी प्रवक्ता प्रभाकर मिश्रा ने कहा कि विपक्ष की लड़ाई तो आपस में ही चल रही है, वे बीजेपी को क्या चुनौती देंगे. जेडीयू प्रवक्ता महेश दास ने कहा कि तेजस्वी यादव विदेश यात्रा पर चले गए हैं और कांग्रेस पहले से ही बिखरी हुई है. इसलिए दोनों में सिरफुटव्वल होना तय है.
बांकीपुर सीट बीजेपी के नितिन नवीन के विधायक पद से इस्तीफा देने के कारण खाली हुई है. बीजेपी की तरफ से अजय आलोक, रणवीर नंदन और नील रतन घोष के नाम रेस में आगे बताए जा रहे हैं. अंतिम फैसला नितिन नवीन और अमित शाह ही लेंगे.
बांकीपुर उपचुनाव के लिए अधिसूचना जारी हो चुकी है और नामांकन की प्रक्रिया शुरू हो गई है. अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि आखिर कौन सी पार्टी किसे अपना उम्मीदवार बनाती है और प्रशांत किशोर के आने से मुकाबला किस करवट बैठता है.







