पप्पू यादव को आधी रात में पटना पुलिस द्वारा अरेस्ट करने पर प्रियंका गांधी आई सपोर्ट में, पप्पू यादव को पकड़े जाने पर असंवेदनशील रवैये की कड़ी बताया...
Bihar Politics: बिहार के पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव की गिरफ्तारी ने राज्य की राजनीति में हलचल तेज कर दी है.
31 साल पुराने एक मामले में कोर्ट के आदेश पर हुई इस कार्रवाई को लेकर विपक्ष सीधे तौर पर एनडीए सरकार पर हमलावर है.
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बाद अब प्रियंका गांधी वाड्रा भी खुलकर पप्पू यादव के समर्थन में उतर आई हैं. उनका आरोप है कि बिहार में भाजपा और उसके सहयोगी अन्याय और अत्याचार के साथ खड़े हैं.
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लंबा पोस्ट लिखते हुए बिहार सरकार और भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए.
प्रियंका गांधी ने अपने पोस्ट में लिखा कि पटना में NEET की तैयारी कर रही छात्रा के साथ रेप और हत्या की घटना बेहद झकझोर देने वाली है. इस मामले में एफआईआर से लेकर जांच तक सरकार का रवैया संदिग्ध रहा है.
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसे बचाने की कोशिश की जा रही है.प्रियंका गांधी ने आगे लिखा कि हाथरस, उन्नाव, अंकिता भंडारी और अब पटना जैसे मामलों में भाजपा शासित राज्यों में पीड़ितों को न्याय की जगह आरोपियों को संरक्षण मिलता दिखता है. उन्होंने पप्पू यादव की गिरफ्तारी को इसी असंवेदनशील रवैये की कड़ी बताया.
एनडीए सरकार का जवाब
वहीं एनडीए सरकार और भाजपा नेताओं ने विपक्ष के आरोपों को सिरे से खारिज किया है. उनका कहना है कि कानून सबके लिए समान है और अदालत के आदेश का पालन करना सरकार की जिम्मेदारी है.
भाजपा नेताओं का दावा है कि पप्पू यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक रंग देना गलत है और कांग्रेस इस मुद्दे पर जनता को गुमराह कर रही है.
इस मामले को लेकर पटना पुलिस का कहना है कि यह गिरफ्तारी किसी नई एफआईआर के तहत नहीं बल्कि एक पुराने मामले में कोर्ट के आदेश के आधार पर की गई है.
प्रशासन की ओर से इसे कानूनी प्रक्रिया बताया जा रहा है. वहीं विपक्ष का आरोप है कि राजनीतिक दबाव और साजिश के तहत यह कार्रवाई की गई है.
कांग्रेस का सरकार पर सीधा हमला
पप्पू यादव की गिरफ्तारी के बाद कांग्रेस ने इसे मुद्दा बना लिया है. राहुल गांधी पहले ही इस कार्रवाई पर सवाल उठा चुके हैं. अब प्रियंका गांधी वाड्रा के बयान से मामला और तूल पकड़ता दिख रहा है.
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जब कोई जनप्रतिनिधि महिलाओं के खिलाफ अपराध और प्रशासनिक लापरवाही पर सवाल उठाता है तो उसे दबाने की कोशिश की जाती है.







