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बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन में घमासान: तेजस्वी ने खुद को घोषित किया CM फेस, कांग्रेस अब भी चुप

 
बिहार चुनाव से पहले महागठबंधन में घमासान: तेजस्वी ने खुद को घोषित किया CM फेस, कांग्रेस अब भी चुप

Bihar Political: बिहार विधानसभा चुनाव नज़दीक आते ही सियासी पारा चढ़ गया है। एनडीए और महागठबंधन दोनों ही खेमों में सीटों का बंटवारा और मुख्यमंत्री पद का चेहरा तय करने को लेकर ज़बरदस्त खींचतान चल रही है। एनडीए ने साफ कर दिया है कि चुनाव सीएम नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा जाएगा। लेकिन दूसरी तरफ महागठबंधन की तस्वीर अब तक साफ नहीं है।

तेजस्वी की दावेदारी, कांग्रेस की चुप्पी

राजद नेता तेजस्वी यादव कई बार यह कह चुके हैं कि वे ही गठबंधन के मुख्यमंत्री पद के दावेदार हैं। पार्टी कार्यकर्ता भी उन्हें ही चेहरा मानकर आगे बढ़ रहे हैं। मगर, कांग्रेस की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
कांग्रेस नेता राहुल गांधी से लेकर प्रदेश स्तर के नेताओं तक—सबने इस सवाल पर चुप्पी साध रखी है।

कांग्रेस प्रभारी का बड़ा बयान

इस बीच, कांग्रेस प्रभारी कृष्णा अल्लावरू का बयान सियासी हलचल और तेज कर गया है। उन्होंने कहा, बिहार का मुख्यमंत्री कौन होगा, यह बिहार की जनता तय करेगी। इस बयान को राजनीतिक गलियारों में इस रूप में देखा जा रहा है कि कांग्रेस अब भी तेजस्वी यादव को लेकर किसी अंतिम फैसले पर नहीं पहुंची है।

जदयू का वार: “तेजस्वी का दुर्भाग्य”

कांग्रेस की इस ‘ना-हां’ वाली स्थिति पर जदयू प्रवक्ता अभिषेक झा ने तंज कसते हुए कहा, यह तेजस्वी यादव का राजनीतिक दुर्भाग्य है कि 2020 के चुनाव में महागठबंधन ने उन्हें सीएम चेहरा मान लिया था, लेकिन अब 2025 में सभी दल उनसे किनारा कर रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि जब खुद गठबंधन ही अपने नेता पर भरोसा नहीं दिखा पा रहा, तो बिहार की जनता कैसे विश्वास करेगी?

‘गाने’ के जरिए तंज

अभिषेक झा ने एक गाने की पंक्ति का हवाला देते हुए कहा, “वैसे तो तेरी ‘ना’ में भी मैंने ढूंढ ली अपनी खुशी, तू अगर ‘हां’ कहे तो बात होगी और भी…” उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि यह पंक्तियां आज के हालात पर बिल्कुल फिट बैठती हैं।

गठबंधन की मुश्किलें

विशेषज्ञों का कहना है कि महागठबंधन के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है। अगर कांग्रेस ने जल्द कोई रुख साफ नहीं किया, तो चुनावी मैदान में कार्यकर्ताओं का उत्साह प्रभावित हो सकता है। फिलहाल कांग्रेस के किसी बड़े नेता की ओर से तेजस्वी यादव को सीएम फेस मानने की सहमति नहीं आई है। ऐसे में महागठबंधन की रणनीति पर सबकी नज़रें टिकी हैं।