Newshaat_Logo

बिहार में फ्री बिजली योजना लागू, 10 लाख जरूरतमंद परिवारों को अब नहीं देना होगा बिजली बिल

Patna: 14 जून से राज्य में व्यापक स्तर पर सोलर रूफटॉप योजना की शुरुआत होगी, जिसके तहत पहले चरण में लाखों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का दावा है कि इस योजना से न केवल गरीब परिवारों का बिजली खर्च कम होगा, बल्कि राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा.
 
BIHAR

Patna: बिहार सरकार ने आज ऐतिहासिक घोषणा की है कि प्रदेश में ‘मुफ्त बिजली क्रांति’ की शुरुआत होगी. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि इस बड़े जनहित कार्यक्रम का मकसद है गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों पर बिजली के बोझ को पूरी तरह से खत्म करना और जीवन स्तर में सुधार लाना.

बिहार की 14 करोड़ जनता को लगा कुछ तो मिला, पर 10 घंटे में ही खुशी हुई  काफूर, 100 यूनिट फ्री बिजली की खबर निकली झूठी - Bihar News

14 जून से राज्य में व्यापक स्तर पर सोलर रूफटॉप योजना की शुरुआत होगी, जिसके तहत पहले चरण में लाखों परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है. सरकार का दावा है कि इस योजना से न केवल गरीब परिवारों का बिजली खर्च कम होगा, बल्कि राज्य में स्वच्छ और हरित ऊर्जा को भी बढ़ावा मिलेगा.

सूबे के 10 लाख गरीब परिवारों (कुटीर ज्योति उपभोक्ताओं) के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप यानी सोलर प्लेट लगाने की महायोजना की शुरुआत 14 जून से होने जा रही है. बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी खुद इस बेहद महत्वाकांक्षी योजना का भव्य उद्घाटन करेंगे. इस योजना के जमीन पर उतरते ही गरीब परिवारों के घरों में न सिर्फ मुफ्त बिजली की रोशनी जगमगाएगी, बल्कि राज्य में हरित ऊर्जा को भी एक नया और मजबूत पंख मिलेगा.

Bihar Chief Minister Samrat Choudhary

पहले चरण में ढाई लाख घरों पर लगेंगी सोलर प्लेट

इस योजना को लेकर ऊर्जा विभाग ने अपनी सभी प्रशासनिक और तकनीकी तैयारियां पूरी तरह से पूरी कर ली हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस महाअभियान की शुरुआत पहले चरण में 2.50 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर सोलर प्लेट लगाने से होगी. इन ढाई लाख परिवारों के घरों को सौर ऊर्जा से लैस करने के लिए सरकार कुल 1512 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि खर्च करने जा रही है. केंद्र सरकार की लोकप्रिय 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के तहत इस पूरी स्कीम को जमीन पर उतारा जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक, एक घर की छत पर लगने वाले इस सोलर रूफटॉप से करीब 1.1 किलोवाट बिजली का बंपर उत्पादन होगा, जो एक गरीब परिवार की दैनिक जरूरतों के लिए पूरी तरह पर्याप्त होगा.

ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल का बड़ा एलान

बिहार के ऊर्जा मंत्री शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने इस योजना के भविष्य के रोडमैप का खुलासा करते हुए बताया कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है. उन्होंने कहा कि अगले दो वर्षों के भीतर सूबे के करीब 58 लाख गरीब परिवारों के घरों की छतों पर सोलर रूफटॉप लगाने का एक बहुत बड़ा और ऐतिहासिक लक्ष्य निर्धारित किया गया है. वर्तमान में एक परिवार के घर की छत पर इस पूरे सिस्टम को इंस्टॉल करने में लगभग 60 हजार रुपये की राशि का खर्च आएगा. ऊर्जा मंत्री ने याद दिलाया कि इससे पहले 'जल-जीवन-हरियाली अभियान' के तहत बिहार के सभी प्रमुख सरकारी भवनों पर सोलर रूफटॉप लगाकर बिजली उत्पादन का काम पहले ही सफलतापूर्वक शुरू किया जा चुका है. अब इसी कड़ी में आम और गरीब जनता को सीधे तौर पर इस मुफ्त बिजली क्रांति से जोड़ा जा रहा है.