भारत छोड़ो आंदोलन से संपूर्ण क्रांति तक… डॉ. प्रेम कुमार ने याद किया लोकनायक जेपी का संघर्ष
Patna: बिहार विधान सभा के अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने गुरुवार को अपने कार्यालय कक्ष में संपूर्ण क्रांति के प्रणेता एवं महान स्वतंत्रता सेनानी लोकनायक जयप्रकाश नारायण की पुण्यतिथि पर उनके तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी।

इस अवसर पर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि भारत रत्न से सम्मानित जयप्रकाश नारायण भारतीय लोकतंत्र और नैतिक राजनीति के प्रखर प्रहरी थे। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। विशेष रूप से वर्ष 1942 के ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ और ‘आजाद दस्ता’ के माध्यम से उन्होंने देश की आजादी के संघर्ष को मजबूती प्रदान की।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद भी जयप्रकाश नारायण ने सत्ता से दूरी बनाए रखी और अपना जीवन सर्वोदय, ग्राम स्वराज तथा सामाजिक पुनर्निर्माण के लिए समर्पित किया। उनका मानना था कि समाज में अंतिम व्यक्ति तक न्याय, समानता और अवसर पहुंचना लोकतांत्रिक व्यवस्था की मूल भावना है।
लोकतंत्र में नैतिकता और जनभागीदारी जरूरी
डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण का जीवन यह संदेश देता है कि लोकतंत्र केवल सत्ता परिवर्तन का माध्यम नहीं है, बल्कि नैतिकता, समानता और जनभागीदारी को मजबूत करने की व्यवस्था है। उन्होंने अपने संघर्ष और विचारों के माध्यम से लोकतांत्रिक मूल्यों को नई दिशा देने का काम किया।
उन्होंने कहा कि बिहार की धरती के इस महान सपूत ने देश के लोकतांत्रिक इतिहास पर अमिट छाप छोड़ी है। जयप्रकाश नारायण का जीवन संघर्ष, त्याग और लोकसेवा की प्रेरणागाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रहित में सक्रिय रहने की प्रेरणा देता रहेगा।
इस अवसर पर बिहार विधान सभा सचिवालय के वरीय पदाधिकारीगण भी उपस्थित रहे।







