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पूर्व IPS अमिताभ दास के बयान ने बिहार की राजनीति में भूचाल पैदा कर दिया, इस मामले पर तेजप्रताप ने क्या कह दिया...

Former IPS Amitabh Das censorial Statement: दोनों के बीच पुराना विवाद भी रहा है जो अब फिर चर्चा में है. दरअसल, पटना पुलिस ने शुक्रवार की शाम (13 फरवरी 2026) अमिताभ दास के आवास पर रेड की और उन्हें हिरासत में लिया.

 
Tejpratap

Bihar Politics: पूर्व आईपीएस अधिकारी अमिताभ दास को हिरासत में लिए जाने के बाद मामला अब राजनीतिक रंग भी लेने लगा है. जनशक्ति जनता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने पुलिस की कार्रवाई को सही ठहराया है और अमिताभ दास पर बेबुनियाद आरोप लगाने का आरोप लगाया है.

बता दें कि दोनों के बीच पुराना विवाद भी रहा है जो अब फिर चर्चा में है. दरअसल, पटना पुलिस ने शुक्रवार की शाम (13 फरवरी 2026) अमिताभ दास के आवास पर रेड की और उन्हें हिरासत में लिया.

चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस ने यह कार्रवाई सोशल मीडिया पोस्ट और एक संवेदनशील मामले में कथित टिप्पणी से जुड़ी एफआईआर के बाद की.

हिरासत की खबर सामने आते ही तेज प्रताप यादव ने प्रतिक्रिया दी. तेज प्रताप ने कहा कि अमिताभ दास लगातार गलत बयानबाजी कर रहे थे.

तेज प्रताप ने कहा, जो आरोप लगा रहे हैं वह गलत है. तेज प्रताप यादव ने कहा कि सरकार ने जो कदम उठाया वह सही है.
तेज प्रताप ने कहा कि अमिताभ दास पर यह कार्रवाई पहले हो जानी चाहिए थी. उन्होंने कहा, लेट आए लेकिन तंदुरुस्त कार्रवाई हुई है. ऐसे लोगों को बिना सोचे समझे आरोप लगाने का अधिकार नहीं है.
कुछ भी बोल देना ठीक बात नहीं है. तेज प्रताप यादव ने कहा कि कुछ दिन पहले मेरे बारे में भी उल्टा पुल्टा बोला था. कोई तथ्य नहीं था.
अभी जिस तरह से बोल रहे थे, वह भी बेबुनियाद है. मैं अमिताभ दास के आरोपों का खंडन करता हूं.
तेज प्रताप यादव और अमिताभ दास के बीच विवाद नया नहीं है. दिसंबर 2025 में तेज प्रताप ने खुद अमिताभ दास पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया था. उन्होंने सचिवालय थाना में शिकायत दर्ज कर उचित कार्रवाई की मांग की थी.
उस समय तेज प्रताप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था कि पूर्व आईपीएस अमिताभ कुमार दास ने अपने न्यूज नामा चैनल के जरिए उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से आपत्तिजनक और मनगढ़ंत बातें कही.
तेज प्रताप ने कहा था कि निजी और पारिवारिक मामलों को लेकर गलत टिप्पणी करना माफ करने योग्य नहीं है. उन्होंने इसे गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताया था.
अमिताभ दास का नाम पहले भी कई विवादों में सामने आता रहा है. वे कई चर्चित व्यक्तियों पर खुलकर टिप्पणी करते रहे हैं. तेज प्रताप यादव भी उनके निशाने पर रहे हैं. अब जब पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया है, तो तेज प्रताप का बयान इस पूरे घटनाक्रम को पुराने विवाद से जोड़ रहा है.
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि सोशल मीडिया पर दिए गए बयानों और सार्वजनिक आरोपों का असर अब कानूनी स्तर तक पहुंच रहा है. जब आरोप किसी संवेदनशील मामले या नाबालिग से जुड़े विषय से संबंधित हो तो पुलिस और प्रशासन ज्यादा सतर्क हो जाते हैं.
फिलहाल अमिताभ दास हिरासत में हैं और पुलिस जांच जारी है. डिजिटल साक्ष्य खंगाले जा रहे हैं. अदालत में पेशी के बाद आगे की प्रक्रिया तय होगी. दूसरी ओर तेज प्रताप यादव ने साफ कर दिया है कि वह ऐसे आरोपों का विरोध करते रहेंगे जिन्हें वह बेबुनियाद मानते हैं.
बहरहाल, अब यह मामला बयानबाजी, सोशल मीडिया की जिम्मेदारी और कानूनी दायरे के बीच की रेखा को भी सामने ला रहा है.