अगर जिला स्तर पर नहीं हो रही सुनवाई, तो अब सीधे मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से करें शिकायत
Patna: अगर आपकी शिकायत जिला प्रशासन स्तर पर लंबित है या बार-बार गुहार लगाने के बावजूद समाधान नहीं हो पा रहा, तो अब परेशान होने की जरूरत नहीं है. बिहार सरकार ने आम जनता को बड़ी राहत देते हुए सीधे मुख्यमंत्री तक शिकायत पहुंचाने की व्यवस्था को और प्रभावी बनाया है. अब लोग अपनी समस्याएं सीधे सम्राट चौधरी तक दर्ज करा सकते हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी 14 जुलाई से राज्य स्तरीय 'सहयोग कार्यक्रम' की शुरुआत करेंगे. इस कार्यक्रम का उद्देश्य उन लोगों को राहत देना है, जिन्हें जिला स्तर पर आयोजित सहयोग शिविरों या प्रशासनिक सुनवाई के बाद भी न्याय नहीं मिल पाया है. अब ऐसे मामलों की समीक्षा सीधे मुख्यमंत्री के स्तर पर होगी.

सरकार का उद्देश्य है कि जिन मामलों में स्थानीय प्रशासन लापरवाही बरत रहा है या समय पर कार्रवाई नहीं हो रही, उन शिकायतों की सीधी मॉनिटरिंग मुख्यमंत्री स्तर से की जा सके. इससे भ्रष्टाचार, देरी और अनदेखी जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी.
ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के बाद मिलेगा मौका
राज्य स्तरीय सहयोग कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पूरी प्रक्रिया डिजिटल रखी गई है. इच्छुक आवेदकों को बिहार सरकार के आधिकारिक सहयोग पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. आवेदन करते समय जिला स्तर पर पहले से दर्ज शिकायत का रेफरेंस नंबर और उसी आवेदन में दर्ज पंजीकृत मोबाइल नंबर भरना अनिवार्य होगा.
इसके बाद मोबाइल पर भेजे गए OTP के जरिए पहचान का सत्यापन किया जाएगा। सत्यापन पूरा होने के बाद ही आवेदन स्वीकार होगा. सभी आवेदनों की जांच के बाद पात्र और चयनित आवेदकों को कार्यक्रम में शामिल होने का अवसर मिलेगा. चयनित लोगों को तारीख, समय और स्थान की जानकारी SMS के माध्यम से भेजी जाएगी.
किन मामलों में कर सकते हैं शिकायत?
- जिला या प्रखंड कार्यालय में आवेदन देने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई हो
- सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा हो
- भूमि विवाद, राशन, पेंशन, आवास, बिजली-पानी जैसी समस्याएं
- अधिकारियों की लापरवाही या भ्रष्टाचार से जुड़े मामले
शिकायत दर्ज करने का पूरा तरीका
- ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन:
बिहार सरकार की आधिकारिक लोक शिकायत प्रणाली (CPGRAMS/जन-शिकायत पोर्टल) पर जाकर शिकायत दर्ज की जा सकती है। - शिकायत विवरण भरें:
अपना नाम, पता, मोबाइल नंबर और समस्या से जुड़ी पूरी जानकारी दर्ज करें। - दस्तावेज अपलोड करें:
यदि आपके पास आवेदन, रसीद या कोई प्रमाण है तो उसे अपलोड करें। - शिकायत सबमिट करें:
सबमिट करने के बाद आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा, जिससे आप शिकायत की स्थिति ट्रैक कर सकते हैं।
कैसे होगी कार्रवाई?
मुख्यमंत्री कार्यालय से शिकायत संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। तय समय-सीमा में रिपोर्ट मांगी जाएगी और समाधान नहीं होने पर जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जा सकती है.
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने साफ कहा है कि “जनता की शिकायतों को नजरअंदाज करना अब किसी भी अधिकारी को महंगा पड़ेगा।” सरकार की प्राथमिकता है कि हर नागरिक की आवाज सुनी जाए और समय पर न्याय मिले







