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RJD में बढ़ी अंदरूनी कलह! मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर उपेंद्र कुशवाहा का हमला, बोले- ‘नेता गायब, इसलिए पार्टी में भगदड़’

 
RJD में बढ़ी अंदरूनी कलह! मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर उपेंद्र कुशवाहा का हमला, बोले- ‘नेता गायब, इसलिए पार्टी में भगदड़’

 

Bihar Political Update: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के वरिष्ठ नेता और पूर्व प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे के बाद बिहार की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस घटनाक्रम को लेकर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने राजद और उसके नेतृत्व पर तीखा हमला बोला है। सासाराम में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि पार्टी के भीतर असंतोष चरम पर है और संगठन लगातार कमजोर होता जा रहा है।

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि वर्तमान समय में बिहार का राजनीतिक माहौल पूरी तरह चुनावी रंग में है, लेकिन ऐसे अहम दौर में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव जनता के बीच सक्रिय नजर नहीं आ रहे हैं। उनके मुताबिक, एक जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाने के बजाय तेजस्वी यादव लगातार सार्वजनिक जीवन से दूर दिखाई दे रहे हैं, जिससे कार्यकर्ताओं में निराशा का माहौल है।

कुशवाहा ने बिना किसी व्यक्तिगत टिप्पणी के कहा कि किसी भी नेता का निजी दौरा या विदेश जाना उसका व्यक्तिगत विषय हो सकता है, लेकिन जब कोई व्यक्ति विपक्ष का प्रमुख चेहरा हो, तो जनता के प्रति उसकी जिम्मेदारियां भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती हैं। उन्होंने कहा कि बिहार के लोग जानना चाहते हैं कि विपक्ष उनके मुद्दों पर कब और कैसे आवाज उठाएगा।

‘जनता के मुद्दों से दूरी बनी पार्टी की कमजोरी’

RLM प्रमुख ने आरोप लगाया कि राजद नेतृत्व जनता की समस्याओं से कट चुका है। उनका कहना था कि सरकार को घेरने और लोगों के सवाल उठाने के बजाय विपक्ष का शीर्ष नेतृत्व अक्सर राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहता है। इसी कारण पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और कई नेता खुद को असहज महसूस कर रहे हैं।

मृत्युंजय तिवारी के इस्तीफे पर भी साधा निशाना

उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि मृत्युंजय तिवारी जैसे वरिष्ठ नेता का पार्टी छोड़ने का फैसला इस बात का संकेत है कि राजद के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है। उनके अनुसार, संगठन में बढ़ती निराशा और नेतृत्व को लेकर असंतोष की वजह से कई नेता भविष्य को लेकर असमंजस में हैं।

उन्होंने दावा किया कि यदि शीर्ष नेतृत्व का यही रवैया जारी रहा, तो आने वाले समय में पार्टी को और बड़े राजनीतिक झटकों का सामना करना पड़ सकता है। हालांकि, राजद की ओर से इन आरोपों पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।