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RJD में आत्ममंथन की शुरुआत! लालू की मौजूदगी में तेजस्वी को वरिष्ठ नेताओं की दो टूक सलाह—‘जनता के बीच जाइए, संगठन को मजबूत बनाइए’

 
RJD में आत्ममंथन की शुरुआत! लालू की मौजूदगी में तेजस्वी को वरिष्ठ नेताओं की दो टूक सलाह—‘जनता के बीच जाइए, संगठन को मजबूत बनाइए’

Bihar political news: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के स्थापना दिवस से पहले पार्टी के भीतर संगठन को नई दिशा देने और भविष्य की रणनीति पर गंभीर मंथन देखने को मिला। पटना स्थित पार्टी के प्रदेश कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में लालू प्रसाद यादव की मौजूदगी में कई वरिष्ठ नेताओं ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव को संगठन विस्तार और जनसंपर्क बढ़ाने को लेकर खुलकर सुझाव दिए। नेताओं का मानना था कि आगामी चुनावी चुनौती से पहले पार्टी को जमीनी स्तर पर और अधिक सक्रिय होने की जरूरत है।

कार्यक्रम की शुरुआत लालू प्रसाद यादव के संबोधन से हुई। उन्होंने अपने पुराने अंदाज में कहा कि वे हमेशा संघर्ष की राजनीति करते रहे हैं और आगे भी गरीबों तथा वंचितों की आवाज उठाते रहेंगे। इसके बाद मंच पर आए वरिष्ठ नेताओं ने संगठन को मजबूत बनाने के लिए तेजस्वी यादव को अधिक समय जनता और कार्यकर्ताओं के बीच बिताने की सलाह दी।

पूर्व विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी ने कहा कि लालू प्रसाद की राजनीति हमेशा गांव, गरीब, किसान और मजदूरों के बीच रही है। उन्होंने आग्रह किया कि तेजस्वी यादव रोजाना कुछ समय आम कार्यकर्ताओं और जनता से मुलाकात के लिए तय करें, ताकि संगठन में नई ऊर्जा का संचार हो सके।

पूर्व केंद्रीय मंत्री अली अशरफ फातमी ने भी संगठन को मजबूत करने के लिए जिलों का लगातार दौरा करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवा, महिलाएं और अल्पसंख्यक समाज आज भी तेजस्वी यादव से बड़ी उम्मीदें लगाए हुए हैं। ऐसे में जनता के बीच उनकी सक्रिय मौजूदगी पार्टी के जनाधार को और मजबूत कर सकती है।

बक्सर से सांसद सुधाकर सिंह ने सामाजिक न्याय के साथ आर्थिक न्याय को भी पार्टी का प्रमुख मुद्दा बनाने की वकालत की। उन्होंने कहा कि सरकार के खिलाफ लोगों में नाराजगी है और RJD को इस माहौल को गांव-गांव तक पहुंचाकर जनसमर्थन में बदलना होगा।

वहीं सांसद अभय कुशवाहा ने कहा कि तेजस्वी यादव की पहचान अब सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं रही है। उन्होंने सुझाव दिया कि राज्यभर का व्यापक दौरा कर जनता से सीधा संवाद स्थापित किया जाए, जिससे संगठन को नई मजबूती मिले।

पूर्व मंत्री अब्दुलबारी सिद्दीकी ने संगठन की वैचारिक मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि नई पीढ़ी को सामाजिक न्याय, धर्मनिरपेक्षता और RJD के संघर्षों की विरासत से जोड़ना समय की जरूरत है।

वरिष्ठ नेताओं की सलाह के बीच तेजस्वी यादव ने भी अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि केवल भीड़ जुटाने से चुनाव नहीं जीते जाते, बल्कि मजबूत संगठन ही जीत की असली कुंजी होता है। उन्होंने कहा कि वे लगातार राज्य का दौरा कर रहे हैं और लोगों से संवाद भी कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने पार्टी नेताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की अपील की।

अपने भाषण में तेजस्वी यादव ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने राबड़ी देवी के सरकारी आवास, सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक प्रतिशोध जैसे मुद्दों को उठाते हुए सरकार की आलोचना की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि लालू प्रसाद यादव ने अपने राजनीतिक जीवन में कई नेताओं को आगे बढ़ाने का काम किया है।

स्थापना दिवस से पहले हुई इस बैठक ने यह संकेत दे दिया कि RJD अब केवल विपक्ष की भूमिका निभाने तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि संगठनात्मक स्तर पर भी खुद को मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का संदेश साफ था कि आने वाले चुनावों में बेहतर प्रदर्शन के लिए जनता, कार्यकर्ताओं और संगठन के साथ सीधा और लगातार संवाद ही सबसे बड़ी ताकत साबित होगा।