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पटना MLC चुनाव में जन सुराज को घर में ही घेरा, प्रियदर्शी पीयूष ने अनुज सिंह के समर्थन से किया इनकार

 
पटना MLC चुनाव में जन सुराज को घर में ही घेरा, प्रियदर्शी पीयूष ने अनुज सिंह के समर्थन से किया इनकार

 

 

 

 

 

 

Bihar News: बिहार विधान परिषद के पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने के साथ-साथ जन सुराज के भीतर भी मतभेद सामने आने लगे हैं। पार्टी की ओर से डॉ. अनुज सिंह को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद वर्ष 2025 के विधानसभा चुनाव में मोकामा से जन सुराज प्रत्याशी रहे प्रियदर्शी पीयूष ने सार्वजनिक रूप से उनके समर्थन से दूरी बनाने का ऐलान किया है।

प्रियदर्शी पीयूष ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कहा कि वह अनंत सिंह समर्थित जन सुराज उम्मीदवार डॉ. अनुज सिंह का समर्थन नहीं करेंगे। उन्होंने मतदाताओं से भी किसी दबाव में आए बिना उपलब्ध तथ्यों और अपने राजनीतिक मूल्यों के आधार पर फैसला लेने की अपील की।

अनंत सिंह के समर्थन को लेकर उठाए सवाल

पटना स्नातक सीट से डॉ. अनुज सिंह की उम्मीदवारी 24 सितंबर को जन सुराज ने घोषित की थी। इससे पहले मोकामा विधायक अनंत सिंह ने अनुज सिंह को समर्थन देने की बात कही थी।

इसी समर्थन को लेकर प्रियदर्शी पीयूष ने पार्टी नेतृत्व के फैसले पर सवाल उठाया। उन्होंने अपने पोस्ट में कहा कि जिस व्यक्ति से उनके राजनीतिक संघर्ष और पुराने विवाद जुड़े रहे हैं, उसके समर्थन वाले प्रत्याशी को जन सुराज की ओर से मैदान में उतारे जाने पर उन्हें आपत्ति है।

दुलारचंद यादव मामले का भी किया जिक्र

प्रियदर्शी पीयूष ने अपने बयान में दुलारचंद यादव की हत्या के मामले का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि 2025 के विधानसभा चुनाव के दौरान उनके काफिले पर हमला हुआ था और उनके तथा अनंत सिंह के समर्थकों के बीच झड़प हुई थी।

उन्होंने कहा कि इसी घटनाक्रम के दौरान दुलारचंद यादव की मौत हुई थी। पीयूष ने यह भी कहा कि इस मामले में उनकी ओर से अनंत सिंह और उनके सहयोगियों की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले को लेकर उनकी कानूनी लड़ाई अभी जारी है।

‘वैचारिक प्रतिबद्धताओं से समझौता नहीं’

अपने पोस्ट में प्रियदर्शी पीयूष ने कहा कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव शिक्षित मतदाताओं से जुड़ा है और ऐसे चुनाव में उम्मीदवारों की राजनीतिक प्रतिबद्धताओं का महत्व है।

उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. अनुज सिंह ने अपनी वैचारिक प्रतिबद्धताओं से समझौता करते हुए बाहुबल के सहारे को स्वीकार किया है। इसी आधार पर उन्होंने कहा कि ऐसे उम्मीदवार का समर्थन करना उनके लिए संभव नहीं है।

हालांकि, ये बातें प्रियदर्शी पीयूष के सार्वजनिक बयान और उनके लगाए आरोपों पर आधारित हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया अलग से सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है।

‘राजनीतिक लाभ के लिए समझौता नहीं’

प्रियदर्शी पीयूष ने कहा कि उनके लिए राजनीतिक लाभ से ज्यादा महत्वपूर्ण नैतिक प्रतिबद्धताएं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राजनीति में रहते हुए या भविष्य में राजनीति से बाहर रहने की स्थिति में भी वे उन लोगों या तत्वों के साथ समझौता नहीं करेंगे, जिनके साथ खड़ा होना उनके सिद्धांतों के विपरीत हो।

उन्होंने अपने समर्थकों और मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव से जुड़े राजनीतिक समीकरणों को समझें और किसी दबाव या प्रभाव में आए बिना अपने विवेक से मतदान करें।

पटना स्नातक सीट पर बढ़ी राजनीतिक हलचल

पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र को लेकर पहले से ही राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को मैदान में उतारा है, जबकि जदयू ने मौजूदा विधान पार्षद नीरज कुमार को फिर उम्मीदवार बनाया है। डॉ. अनुज सिंह को अनंत सिंह का समर्थन मिलने के बाद यह मुकाबला राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

विधान परिषद चुनाव के कार्यक्रम के मुताबिक मतदान 23 अक्टूबर 2026 को होगा और मतगणना 27 अक्टूबर को की जाएगी।