कैमूर बनेगा बिहार का नया इंडस्ट्रियल हब, 1000 एकड़ में बनेगा औद्योगिक पार्क; युवाओं को मिलेगा रोजगार!
बिहार के कैमूर जिले से औद्योगिक विकास को लेकर एक बड़ी खबर सामने आई है। जिले को इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट का नया हब बनाने की दिशा में प्रशासन ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। यहां 1000 एकड़ जमीन पर एक बड़ा इंडस्ट्रियल पार्क विकसित करने की योजना है। इसके लिए जिला प्रशासन ने अब तक 781.18 एकड़ जमीन चिह्नित कर ली है।
प्रस्तावित इंडस्ट्रियल पार्क के लिए चांद और चैनपुर अंचल के पांच अलग-अलग गांवों में जमीन की पहचान की गई है। अब प्रशासन का लक्ष्य बाकी बची 218.82 एकड़ जमीन की तलाश पूरी करना है, ताकि 1000 एकड़ जमीन जुटाने का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
जमीन चयन की प्रक्रिया का जायजा लेने के लिए भभुआ के एडीएम चंद्रशेखर आजाद ने चांद और चैनपुर प्रखंड का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने मौके पर पहुंचकर चिह्नित जमीन का निरीक्षण किया और उसकी उपलब्धता के साथ-साथ दूसरी जरूरी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। प्रशासनिक टीम जमीन की स्थिति और बेहतर कनेक्टिविटी जैसे पहलुओं पर भी काम कर रही है।
इस इंडस्ट्रियल पार्क की सबसे खास बात इसकी लोकेशन है। इसे भारतमाला प्रोजेक्ट के ठीक उत्तरी हिस्से में विकसित करने की योजना बनाई गई है। इससे भविष्य में औद्योगिक इकाइयों तक माल की आवाजाही और ट्रांसपोर्टेशन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। हालांकि, पार्क के निर्माण और जमीन अधिग्रहण से जुड़ी आगे की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही इसकी तस्वीर और साफ होगी।
वहीं, अब तक चिह्नित जमीन की अनुमानित कीमत 230 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह शुरुआती अनुमान है। जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया और संबंधित औपचारिकताएं पूरी होने के बाद वास्तविक राशि तय होगी।
अगर कैमूर में यह इंडस्ट्रियल पार्क आकार लेता है, तो जिले में निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सकता है। बड़ी कंपनियों और नई फैक्ट्रियों के आने से स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है। इसके अलावा छोटे कारोबार, परिवहन और अन्य सहायक व्यवसायों को भी फायदा मिल सकता है।
फिलहाल प्रशासन का फोकस 1000 एकड़ जमीन की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर है। अब देखना होगा कि जमीन की पहचान और जरूरी प्रक्रियाएं कब तक पूरी होती हैं और कैमूर का यह प्रस्तावित इंडस्ट्रियल पार्क जिले की अर्थव्यवस्था को कितनी नई रफ्तार देता है।







