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लालू प्रसाद यादव और राबड़ी देवी को फिर मिली Z Security, सरकार ने लौटाई बुलेटप्रूफ गाड़ी

Bihar Politics: जेड कैटेगरी की सुरक्षा में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इनमें से 2 से 8 गार्ड्स हथियार के साथ घर की सुरक्षा में रहते हैं. 2 पीएसओ 24 घंटे तैनात रहते हैं. इसके अलावा 3 से 5 गाड़ियां होती हैं. साथ ही 1 बुलेटप्रूफ गाड़ी भी उनके काफिले में शामिल होती है. बंगला विवाद के पहले लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की यही सुरक्षा थी. लेकिन बीच में उनकी ये सुरक्षा वापस ले ली गई थी.
 
BIHAR

Bihar Politics: बिहार सरकार ने राष्ट्रीय जनता दल (RJD) प्रमुख लालू प्रसाद यादव और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने दोनों नेताओं की Z श्रेणी की सुरक्षा दोबारा बहाल कर दी है. इसके साथ ही उन्हें फिर से बुलेटप्रूफ वाहन की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है. यह फैसला करीब एक महीने पहले सुरक्षा में की गई कटौती के बाद उठे राजनीतिक विवाद के बीच लिया गया है.

Security row escalates in Bihar

इसके साथ ही बुलेटप्रुफ कार भी दी गई. बंगला विवाद के बीच दोनों की सुरक्षा घटाने का फैसला लिया गया था. इसके बाद सरकर की ओर से दी गई सुरक्षा को दोनों ने लौटा दिया था. ऐसे में अब फिर उनकी सुरक्षा बहाल कर दी गई है.

क्या होती है जेड कैटेगरी की सुरक्षा?

जेड कैटेगरी की सुरक्षा में लगभग 22 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं. इनमें से 2 से 8 गार्ड्स हथियार के साथ घर की सुरक्षा में रहते हैं. 2 पीएसओ 24 घंटे तैनात रहते हैं. इसके अलावा 3 से 5 गाड़ियां होती हैं. साथ ही 1 बुलेटप्रूफ गाड़ी भी उनके काफिले में शामिल होती है. बंगला विवाद के पहले लालू प्रसाद और राबड़ी देवी की यही सुरक्षा थी. लेकिन बीच में उनकी ये सुरक्षा वापस ले ली गई थी.

पूर्व सीएम राबड़ी देवी को जब बंगला खाली करने का नोटिस मिला था. उस दौरान बिहार सरकार की ओर से लालू परिवार की सुरक्षा को लेकर समीक्षा की गई थी. इसके बाद लालू प्रसाद, राबड़ी देवी और तेज प्रताप यादव की सुरक्षा घटाने का फैसला लिया गया था. लेकिन तेजस्वी यादव और मीसा भारती की सुरक्षा में कोई बदलाव नहीं किया गया था.

सरकार के इस फैसले के बाद जो सुरक्षा सरकार की ओर से लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को दी गई थी, उसे भी उन्होंने वापस कर दिया था. इतना ही नहीं, तेजस्वी यादव और मीसा भारती ने भी अपनी सुरक्षा लौटा दी थी. इस मामले को लेकर जमकर बयानबाजी भी हुई थी. ऐसे में अब लालू प्रसाद और राबड़ी देवी को उनकी सुरक्षा वापस करने का फैसला लिया गया है.