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लालू यादव को मिलेगा अभी तक का सबसे बड़ा झटका, आज होगा अहम फैसला, दिखेंगे सलाखों के पीछे या…जानिए पूरी खबर

 
Bihar political update

Bihar political update: बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के लिए आज का दिन बेहद अहम माना जा रहा है। IRCTC टेंडर मामले में उनके खिलाफ तय किए गए आरोपों को चुनौती देने वाली याचिका पर आज, 5 जनवरी को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। इस मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति स्वर्ण कांत शर्मा की पीठ के समक्ष होनी है।

दरअसल, अक्टूबर 2025 में निचली अदालत ने लालू प्रसाद यादव के खिलाफ IRCTC से जुड़े कथित घोटाले में आरोप तय करने का आदेश दिया था। इसी आदेश को लालू यादव ने दिल्ली हाईकोर्ट में चुनौती दी है।

परिवार के सदस्य भी आरोपों के घेरे में
इस मामले में लालू यादव अकेले नहीं हैं। उनकी पत्नी और बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी तथा उनके बेटे और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव पर भी आपराधिक साजिश और धोखाधड़ी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

क्या है पूरा मामला
यह मामला उस समय का है, जब लालू प्रसाद यादव केंद्र सरकार में रेल मंत्री थे। जांच एजेंसियों के अनुसार, उनके कार्यकाल के दौरान IRCTC के अंतर्गत आने वाले कुछ होटलों और उनसे जुड़ी जमीनों को नियमों की अनदेखी करते हुए निजी कंपनियों को पट्टे पर दिया गया। आरोप है कि टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई और कुछ चुनिंदा कंपनियों को अनुचित लाभ पहुंचाया गया।

राउज एवेन्यू कोर्ट की टिप्पणी
आरोप तय करते समय राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विशाल गोगने ने कहा था कि लालू यादव ने रेल मंत्री रहते हुए अपने पद का कथित तौर पर दुरुपयोग किया। अदालत का मानना था कि निविदा प्रक्रिया में पात्रता शर्तों से छेड़छाड़ की गई और निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय हस्तक्षेप हुआ, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा।

यह मामला 2017 में सीबीआई द्वारा दर्ज एफआईआर से जुड़ा है, जिसमें लालू परिवार के सदस्यों, IRCTC के अधिकारियों और कुछ निजी व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया था।

‘लैंड फॉर जॉब’ से भी जुड़ा मामला
IRCTC टेंडर केस का संबंध कथित ‘लैंड फॉर जॉब’ घोटाले से भी जोड़ा जा रहा है। आरोप है कि रेलवे में नौकरियों के बदले जमीन ली गई और नियमों को ताक पर रखकर नियुक्तियां की गईं। इस मामले में सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच अब भी जारी है।

आज की सुनवाई को इस पूरे मामले की आगे की कानूनी दिशा तय करने के लिहाज से काफी अहम माना जा रहा है। सभी की नजरें दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।