लैंड फॉर जॉब केस में आज अहम सुनवाई: लालू–राबड़ी दिल्ली में, राउज एवेन्यू कोर्ट में पेशी
इससे पहले इसी मामले में 9 फरवरी को तेजस्वी यादव अदालत में पेश हो चुके हैं। कोर्ट ने लालू परिवार को 1 से 25 फरवरी के बीच उपस्थित होकर जरूरी कानूनी प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया था।
CBI ने दाखिल की सप्लीमेंट्री चार्जशीट
मामले की जांच कर रही Central Bureau of Investigation (CBI) ने लालू प्रसाद यादव समेत 78 लोगों के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की है। इसमें राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव, मीसा भारती और हेमा यादव के नाम भी शामिल हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि नियुक्ति के बदले जमीन लेने का संगठित नेटवर्क काम कर रहा था।
क्या है लैंड फॉर जॉब मामला
यह मामला उस समय से जुड़ा है जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में ग्रुप-डी की नौकरी दिलाने के बदले उम्मीदवारों या उनके परिजनों से जमीन ली गई। जांच के अनुसार पटना और आसपास की जमीनें कम कीमत या गिफ्ट डीड के जरिए परिवार से जुड़े लोगों और कंपनियों के नाम कराई गईं।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
पिछली सुनवाई में अदालत ने कहा था कि शुरुआती रिकॉर्ड और दस्तावेजों से मामला गंभीर लगता है और इसमें व्यापक साजिश के संकेत मिलते हैं। हालांकि कोर्ट ने यह भी साफ किया कि आरोप तय होना ही दोष साबित होना नहीं है। सभी आरोपियों को ट्रायल के दौरान अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिलेगा।
अब अगला चरण आरोप तय होने और नियमित ट्रायल का होगा। गवाहों और सबूतों के आधार पर फैसला आएगा। अगर किसी भी आरोपी को दोषी ठहराया जाता है, तो उन्हें ऊपरी अदालत में अपील करने का अधिकार रहेगा। फिलहाल सबकी नजर आज की कोर्ट कार्यवाही पर टिकी है, जिसका असर बिहार की सियासत पर भी पड़ सकता है।







