विधानसभा में ‘2002’ पर ठहाके और तकरार: विपक्ष पर बरसे CM नीतीश, चौकीदार-दफादार लाठीचार्ज पर गरमाया सदन
‘202’ की जगह ‘2002’ बोल गए मुख्यमंत्री
विपक्ष के शोर-शराबे पर प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राजद के शासनकाल में बिहार में कोई विकास नहीं हुआ और आज जनता ने उन्हें सिमटा दिया है। इसी दौरान वे कहना चाहते थे कि सत्तापक्ष 202 विधायकों के समर्थन के साथ है, लेकिन जोश में ‘2002’ बोल गए। इस टिप्पणी पर कुछ क्षणों के लिए सदन में हैरानी और हल्की हलचल देखने को मिली।
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि विपक्ष भविष्य में भी सत्ता में नहीं आने वाला है और हंगामा छोड़कर बैठ जाए। उन्होंने लालू-राबड़ी काल का जिक्र करते हुए दावा किया कि उस समय लोग शाम के बाद घर से निकलने से डरते थे, जबकि आज राज्य में हर क्षेत्र में विकास कार्य हो रहे हैं।
वेल में उतरा विपक्ष, स्पीकर ने बुलाए मार्शल
मुख्यमंत्री की कड़ी टिप्पणी के बाद विपक्षी सदस्य वेल में पहुंच गए और जोरदार हंगामा किया। स्थिति संभालने के लिए विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने मार्शलों को बुलाने और प्रदर्शन कर रहे सदस्यों से प्लेकार्ड हटाने का निर्देश दिया।
संसदीय कार्य मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा कि सरकार चौकीदार और दफादार के मुद्दे को गंभीरता से देखेगी। वहीं मंत्री Bijendra Prasad Yadav ने प्रतिनिधिमंडल को बुलाकर उनकी मांगें सुनने का आश्वासन दिया।
लोजपा की कार्रवाई की मांग
लोजपा विधायक राजू तिवारी ने लाठीचार्ज के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि उनके नेता चिराग पासवान पहले भी बहाली प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री से मिल चुके हैं और अब इस मामले में भी ठोस कदम उठाए जाने चाहिए।
फिलहाल चौकीदार-दफादार मुद्दे पर सियासी घमासान जारी है। आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार क्या ठोस निर्णय लेती है और विपक्ष इस मुद्दे को किस तरह आगे बढ़ाता है।







