रालोजपा में बड़ा सियासी बदलाव: पशुपति पारस ने सौंपी कमान, प्रिंस राज बने कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष
बैठक में पारस ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों में पार्टी को नई ऊर्जा और नए नेतृत्व की जरूरत है। इसी को ध्यान में रखते हुए संगठन को मजबूत बनाने के लिए युवा चेहरों को आगे लाने का निर्णय लिया गया है।
प्रिंस राज को सौंपी गई बड़ी जिम्मेदारी
पार्टी की बैठक में प्रिंस राज को रालोजपा का कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया। प्रिंस राज पूर्व सांसद राम चंद्र पासवान के पुत्र हैं और चिराग पासवान के चचेरे भाई भी हैं।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनकी नियुक्ति पार्टी में बिखराव रोकने और दलित वोट बैंक को एकजुट रखने की रणनीति का हिस्सा है। अब प्रिंस राज के सामने पार्टी को नई दिशा देने और संगठन को मजबूत करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
जल्द हो सकती है औपचारिक ताजपोशी
बैठक में तय किया गया कि फिलहाल प्रिंस राज कार्यकारी भूमिका में रहेंगे। अगले दो महीनों में संगठनात्मक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद उन्हें औपचारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है।
पारस के संन्यास की अटकलें
इस बैठक का सबसे भावुक पहलू पशुपति कुमार पारस का रुख रहा। सूत्रों के मुताबिक वे सक्रिय राजनीति से दूरी बना सकते हैं और आगे मार्गदर्शक की भूमिका में रहकर पार्टी का मार्गदर्शन करेंगे।
दरअसल, बड़े भाई और पूर्व केंद्रीय मंत्री राम विलास पासवान के निधन के बाद पासवान परिवार की राजनीति में आए विभाजन और हालिया घटनाओं से पारस काफी आहत बताए जा रहे हैं।
पासवान विरासत की जंग
बिहार की राजनीति में अब पासवान विरासत को लेकर नई सियासी लड़ाई देखने को मिल रही है। एक ओर चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) एनडीए के भीतर मजबूत स्थिति में है, वहीं रालोजपा अपने राजनीतिक वजूद को बचाने की कोशिश कर रही है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का यह फैसला पार्टी को नई पहचान दिला पाता है या नहीं। आने वाले महीनों में ही इसकी असली तस्वीर सामने आएगी।







