कोलकाता में CEC को काले झंडे दिखाने पर भड़के मंत्री संतोष सुमन, बोले- संवैधानिक संस्थाओं का अपमान बर्दाश्त नहीं
दरअसल, हाल ही में ज्ञानेश कुमार को कोलकाता में विरोध प्रदर्शन के दौरान काले झंडे दिखाए गए थे। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. सुमन ने कहा कि लोकतंत्र में इलेक्शन कमिशन ऑफ इंडिया जैसी संस्थाओं की गरिमा और स्वतंत्रता सर्वोपरि होती है, लेकिन इस तरह की घटनाएं बेहद चिंताजनक हैं।
ममता सरकार पर साधा निशाना
डॉ. सुमन ने आरोप लगाया कि ममता बनर्जी की सरकार की राजनीति अब तुष्टिकरण और घुसपैठियों को संरक्षण देने तक सीमित होती जा रही है। उनका कहना था कि राज्य में ऐसा माहौल बनाया जा रहा है, जहां संवैधानिक संस्थाओं को चुनौती देने वाले तत्वों को बढ़ावा मिल रहा है।
राष्ट्रपति के सम्मान का भी उठाया मुद्दा
उन्होंने कहा कि हाल के दिनों में देश की महामहिम राष्ट्रपति के प्रति भी कुछ गैरजिम्मेदाराना बयान सामने आए हैं, जो बेहद निंदनीय हैं। उनके अनुसार राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च संवैधानिक गरिमा का प्रतीक होते हैं और उनके प्रति इस तरह का रवैया पूरे राष्ट्र का अपमान है।
राष्ट्रपति शासन की मांग
डॉ. सुमन ने केंद्र सरकार से मांग की कि पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति को गंभीरता से लेते हुए वहां राष्ट्रपति शासन लागू करने पर विचार किया जाए, ताकि राज्य में संवैधानिक व्यवस्था और लोकतांत्रिक संस्थाओं की गरिमा को सुरक्षित रखा जा सके।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना सभी का अधिकार है, लेकिन संवैधानिक पदों और संस्थाओं का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हो सकता।







