Movie prime

कोर्ट में भावुक हुए सांसद पप्पू यादव, जज से बोले-“हुजूर, मेरी जान को खतरा है, सुरक्षा दीजिए”

 
Bihar news
Bihar news: पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव मंगलवार को पटना की एमपी-एमएलए विशेष अदालत में पेश हुए। सुनवाई के दौरान वे काफी भावुक नजर आए। कोर्ट रूम में जज के सामने हाथ जोड़कर खड़े हो गए और अपनी जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है और उन्हें नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकती है।

जज के सामने रो पड़े, 20 मिनट तक लगाई गुहार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सुनवाई के दौरान पप्पू यादव ने जज के सामने अपनी बात रखते हुए कहा कि उन्हें जान से मारने की साजिश हो रही है। वे करीब 20 मिनट तक हाथ जोड़कर खड़े रहे और भावुक होकर अपनी बात बताते रहे। उन्होंने दावा किया कि उन्हें अस्पताल में लावारिस हालत में छोड़ दिया गया था और वहां गलत इंजेक्शन लगाए जाने का भी शक है, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ी।

उन्होंने यह भी कहा कि जब वे सरेंडर की तैयारी कर रहे थे, उसी दौरान सादे कपड़ों में हथियारबंद लोग उनके घर पहुंच गए थे। उनके मुताबिक अगर उस समय एसपी नहीं आते तो बड़ी घटना हो सकती थी।

व्हीलचेयर पर लाए गए अदालत

पप्पू यादव को बेऊर जेल से पुलिस कैदी वैन के जरिए दोपहर करीब साढ़े 12 बजे कोर्ट लाया गया। कोर्ट परिसर में पुलिस बल की तैनाती रही। समर्थकों की भीड़ भी मौजूद थी। उन्हें वैन से उतारकर व्हीलचेयर पर बैठाकर अदालत के अंदर ले जाया गया। सुनवाई से पहले वे बाहर ही इंतजार करते दिखे।

जब जज ने उनका नाम पुकारा तो वे व्हीलचेयर से उठकर खड़े हुए और बोले कि वे कभी कोर्ट से भागे नहीं हैं और हर प्रक्रिया में सहयोग करना चाहते हैं।

31 साल पुराने मामले में मिली जमानत

अदालत ने 31 साल पुराने एक केस में पप्पू यादव को जमानत दे दी है। हालांकि, दो अन्य मामलों में अभी जमानत नहीं मिली है, इसलिए वे फिलहाल जेल में ही रहेंगे। इन मामलों में आगे सुनवाई होनी बाकी है।

सरकारी वकील ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि वे लंबे समय तक पेश नहीं हुए। वहीं बचाव पक्ष ने कहा कि सही तरीके से सूचना नहीं दी गई थी और अब वे हर तारीख पर हाजिर रहने को तैयार हैं।

इन मामलों में चल रही है सुनवाई

पहला मामला बुद्धा कॉलोनी थाना से जुड़ा है, जिसमें गिरफ्तारी के दौरान समर्थकों द्वारा विरोध और सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप है।
दूसरा मामला कोतवाली थाना का है, जो साल 2017 में बिजली दर वृद्धि और बीएसएससी पेपर लीक के विरोध में सड़क जाम से जुड़ा बताया जा रहा है।

फिलहाल दोनों मामलों में रिमांड और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। अगली सुनवाई के बाद ही उनकी रिहाई पर अंतिम फैसला होगा।