मुकेश सहनी का BJP पर बड़ा हमला, बोले- “अभिषेक बनर्जी पर हमला लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार”
मुकेश सहनी ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या नेता के खिलाफ विरोध और असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन शारीरिक हमला और डराने-धमकाने की राजनीति देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करती है। उन्होंने कहा कि किसी जनप्रतिनिधि पर हमला केवल एक व्यक्ति पर हमला नहीं, बल्कि संवैधानिक मूल्यों और लोकतांत्रिक परंपराओं पर भी चोट है।
वीआईपी प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा को इस पूरे मामले को गंभीरता से लेना चाहिए और अपने कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण रखना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति लगातार असहिष्णुता और आक्रामक रवैये को बढ़ावा दे रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक संकेत है।
मुकेश सहनी ने कहा कि देश की राजनीति संवाद, बहस और जनहित के मुद्दों पर आधारित होनी चाहिए, न कि हिंसा और टकराव पर। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करने और संयम बरतने की अपील की।
उन्होंने मांग की कि अभिषेक बनर्जी से जुड़ी घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। सहनी ने कहा कि लोकतंत्र में मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन हिंसा किसी भी हाल में स्वीकार नहीं की जा सकती।
इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में नई बहस छिड़ गई है और विपक्षी दल भाजपा पर लगातार सवाल उठा रहे हैं।







