महिलाओं को आर्थिक ताकत देने की पहल, बिहार में शुरू हुई 'नारी समृद्धि' और 'नारी शक्ति स्वरोजगार' योजना
Patna: बिहार सरकार ने महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए "नारी समृद्धि योजना" और "नारी शक्ति स्वरोजगार योजना" की शुरुआत की है. इन योजनाओं का संचालन बिहार राज्य सहकारी बैंक लिमिटेड के माध्यम से किया जाएगा.

सहकारिता विभाग के मंत्री राम कृपाल यादव ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि गांव-गांव तक हर महिला के पास अपना बैंक खाता, अपनी बचत और अपना रोजगार हो. उन्होंने बताया कि नारी समृद्धि योजना के तहत महिलाएं अपनी बचत को सुरक्षित रख सकेंगी और सामान्य खातों की तुलना में बेहतर रिटर्न प्राप्त करेंगी.
योजना के अंतर्गत 1 से 10 वर्ष की अवधि के सावधि जमा पर 7.30 प्रतिशत तथा महिला वरिष्ठ नागरिकों को 7.55 प्रतिशत तक विशेष ब्याज दर का लाभ मिलेगा. न्यूनतम जमा राशि 5 हजार रुपये निर्धारित की गई है। इसके अलावा महिलाओं को निःशुल्क रुपे डेबिट कार्ड दिया जाएगा, जिस पर कोई वार्षिक रखरखाव शुल्क नहीं लगेगा.
मंत्री ने बताया कि योजना के तहत पासबुक, एसएमएस अलर्ट, एनईएफटी और आरटीजीएस जैसी बैंकिंग सेवाएं भी निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी. साथ ही पैक्स और बैंक मित्रों के माध्यम से डोरस्टेप बैंकिंग सुविधा दी जाएगी। डीआईसीजीसी द्वारा 5 लाख रुपये तक का बीमा कवर भी प्रदान किया जाएगा.
वहीं, "नारी शक्ति स्वरोजगार योजना" के तहत महिलाओं को स्वरोजगार शुरू करने या अपने व्यवसाय का विस्तार करने के लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाएगा. बिहार राज्य सहकारी बैंक द्वारा ब्याज में विशेष छूट का प्रावधान किया गया है, ताकि अधिक से अधिक महिलाएं उद्यमिता से जुड़ सकें.
योजना की विशेषता यह है कि 2 लाख रुपये तक के ऋण के लिए किसी प्रकार की गारंटी या सिक्योरिटी की आवश्यकता नहीं होगी. बैंक महिलाओं को प्रशिक्षण और डिजिटल मार्केटिंग में भी सहयोग प्रदान करेगा.
सहकारिता मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को बचत और स्वरोजगार से जोड़कर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाना तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है. इच्छुक महिलाएं अपने नजदीकी बिहार राज्य सहकारी बैंक की शाखा से संपर्क कर योजनाओं का लाभ उठा सकती हैं.







