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बांकीपुर में आज सियासी शक्ति प्रदर्शन, नीरज सिन्हा और प्रशांत किशोर भरेंगे नामांकन; उपचुनाव ने पकड़ी रफ्तार

 
बांकीपुर में आज सियासी शक्ति प्रदर्शन, नीरज सिन्हा और प्रशांत किशोर भरेंगे नामांकन; उपचुनाव ने पकड़ी रफ्तार

Bihar political news: पटना की हाई-प्रोफाइल बांकीपुर विधानसभा सीट पर उपचुनाव का राजनीतिक तापमान सोमवार को और बढ़ने वाला है। नामांकन के अंतिम दिन भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा और जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर अपने-अपने समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन करते हुए नामांकन दाखिल करेंगे। दोनों दल इस चुनाव को प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रहे हैं, इसलिए राजधानी में सुबह से ही चुनावी हलचल तेज है।

नामांकन से पहले प्रशांत किशोर ने सोनपुर स्थित बाबा हरिहरनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर जीत का आशीर्वाद लिया। इसके बाद वे समर्थकों के साथ पटना पहुंचकर नामांकन दाखिल करेंगे। नामांकन के बाद स्काउट एंड गाइड मैदान में उनकी जनसभा प्रस्तावित है, जहां वे चुनावी अभियान का औपचारिक आगाज करेंगे और अपनी रणनीति जनता के सामने रखेंगे।

वहीं भाजपा उम्मीदवार नीरज कुमार सिन्हा पार्टी कार्यालय से विशाल रोड शो निकालते हुए पटना कलेक्ट्रेट पहुंचेंगे। उनके नामांकन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी समेत कई वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी रहेगी। भाजपा इस सीट पर अपने लंबे राजनीतिक वर्चस्व को बरकरार रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।

इसी दिन जनशक्ति जनता दल की उम्मीदवार एवं सामाजिक कार्यकर्ता वीणा मानवी भी अपना नामांकन दाखिल करेंगी, जिससे मुकाबला और दिलचस्प हो गया है।

ज्योतिषीय संयोग भी बना चर्चा का विषय

नामांकन के दिन का ज्योतिषीय संयोग भी चर्चा में है। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार सूर्य और चंद्रमा मिथुन राशि में होने तथा मिथुन लग्न के प्रभाव के कारण यह समय राजनीति, जनसंपर्क और सार्वजनिक कार्यक्रमों के लिए शुभ माना जा रहा है। उनका कहना है कि इस मुहूर्त में किए गए कार्य सफलता और सम्मान की संभावनाओं को बढ़ाते हैं।

भाजपा की साख, प्रशांत किशोर की परीक्षा

बांकीपुर विधानसभा सीट पिछले करीब तीन दशकों से भाजपा का मजबूत गढ़ रही है। पूर्व विधायक और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की राजनीतिक कर्मभूमि होने के कारण यह सीट पार्टी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। दूसरी ओर, प्रशांत किशोर इस उपचुनाव को अपनी राजनीतिक स्वीकार्यता और जनाधार की बड़ी परीक्षा के रूप में देख रहे हैं।

ऐसे में सोमवार का नामांकन सिर्फ एक औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि बांकीपुर की बहुचर्चित चुनावी जंग का औपचारिक शंखनाद माना जा रहा है।