नई सत्ता की एंट्री! : इस्तीफा देने लोक भवन पहुंचे नीतीश कुमार, सम्राट चौधरी की गाड़ी में बैठकर दिया बड़ा सियासी संकेत
गाड़ी में दिखा ‘सत्ता हस्तांतरण’ का संकेत
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह सिर्फ एक यात्रा नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन का प्रतीकात्मक संदेश भी था मानो आने वाले मुख्यमंत्री के साथ ही नीतीश कुमार अपने कार्यकाल को विराम देने जा रहे हों।
कैबिनेट ने दी सरकार भंग करने की मंजूरी
इससे पहले मुख्य सचिवालय में हुई कैबिनेट की आखिरी बैठक में मौजूदा सरकार को भंग करने के प्रस्ताव पर मुहर लगी। करीब 20 मिनट चली इस बैठक ने औपचारिक रूप से ‘नीतीश युग’ के अंत का रास्ता साफ कर दिया। बैठक का माहौल भावुक रहा-मंत्रियों और अधिकारियों ने इस पल को यादगार बनाने के लिए मुख्यमंत्री के साथ तस्वीरें भी खिंचवाईं।
नए CM को लेकर बढ़ी हलचल
इधर, नई सरकार के गठन को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस बार सत्ता की कमान भाजपा के हाथों में जा सकती है और सम्राट चौधरी का नाम मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे बताया जा रहा है।
15 अप्रैल को शपथ की तैयारी
जानकारी के अनुसार, 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इस समारोह में नरेंद्र मोदी और अमित शाह के शामिल होने की भी संभावना है, जिससे इस राजनीतिक बदलाव का महत्व और बढ़ गया है। बिहार की सियासत इस वक्त इतिहास के उस मोड़ पर खड़ी है, जहां एक तरफ ‘नीतीश युग’ की विदाई है, तो दूसरी तरफ नए नेतृत्व के साथ नई राजनीतिक कहानी लिखी जा रही है।







