पटना की सियासत में नया मोड़: 1 अणे मार्ग छोड़ 7 सर्कुलर रोड जा सकते हैं नीतीश कुमार, लालू यादव बनेंगे पड़ोसी!
• नया ठिकाना बनने पर सियासत में बदल सकते हैं कई समीकरण
अगर ऐसा होता है तो पटना की सियासत में एक अनोखा दृश्य देखने को मिलेगा, क्योंकि 7 सर्कुलर रोड के पास ही लालू प्रसाद यादव का आवास स्थित है। दोनों आवासों के बीच की दूरी महज करीब 200 मीटर बताई जा रही है। ऐसे में राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि बिहार की राजनीति के दो बड़े चेहरे अब एक ही इलाके में नजर आ सकते हैं।
19 साल तक रहा सत्ता का केंद्र
करीब दो दशकों तक 1 अणे मार्ग बिहार की सत्ता का असली केंद्र रहा है। यहीं से नीतीश कुमार ने प्रशासनिक फैसले लिए और कई महत्वपूर्ण राजनीतिक रणनीतियां बनाई। अब अगर वे राज्यसभा की राजनीति की ओर रुख करते हैं, तो दिल्ली में उन्हें आधिकारिक आवास मिल सकता है, जबकि पटना में अपनी मौजूदगी बनाए रखने के लिए 7 सर्कुलर रोड को नया ठिकाना बनाया जा सकता है।
खास तरीके से बना है यह बंगला
दिलचस्प बात यह है कि 7 सर्कुलर रोड का यह आवास खुद नीतीश कुमार की देखरेख में तैयार कराया गया था। इसे भूकंप रोधी तकनीक से बनाया गया है और इसके बड़े लॉन में खास तौर पर कोलकाता से घास मंगाकर लगाई गई थी, जिससे इसकी खूबसूरती और बढ़ जाती है।
पहले भी बन चुका है सियासी ठिकाना
राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो वर्ष 2014 के लोकसभा चुनाव के बाद जब नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद छोड़ा था और जीतन राम मांझी को जिम्मेदारी सौंपी थी, तब भी वे 7 सर्कुलर रोड में रहने लगे थे। बाद में इसी आवास से उन्होंने राजनीतिक रणनीति बनाते हुए 2015 के विधानसभा चुनाव में जीत दर्ज कर फिर से सत्ता में वापसी की थी।
अब यदि एक बार फिर नीतीश कुमार 7 सर्कुलर रोड का रुख करते हैं, तो इसे सिर्फ घर बदलने की कहानी नहीं बल्कि बिहार की सियासत में नए समीकरणों की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है।







