बिहार की राजनीति में नई एंट्री: जदयू में शामिल हुए निशांत कुमार, अब सियासत की पिच पर दिखाएंगे दम
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि जिस तरह तेजश्वी यादव और चिराग पासवान अपने-अपने दलों की राजनीति में सक्रिय हैं, उसी तरह अब निशांत कुमार भी सक्रिय राजनीति में नई भूमिका निभाने की ओर बढ़ रहे हैं।
सादगी और शांत स्वभाव से अलग पहचान
निशांत कुमार लंबे समय तक सार्वजनिक जीवन से दूर रहे हैं। उनका स्वभाव शांत और जीवनशैली बेहद सादगीपूर्ण मानी जाती है। यही वजह है कि वे अक्सर सुर्खियों से दूर रहते थे, लेकिन समय-समय पर उनके राजनीति में आने की चर्चाएं होती रही हैं।
उनका जन्म वर्ष 1975 में Patna में हुआ था। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई Birla Institute of Technology Mesra से की और बीटेक की डिग्री हासिल की। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कॉरपोरेट या सक्रिय राजनीति के बजाय अपेक्षाकृत निजी और शांत जीवन जीना पसंद किया।
परिवार और निजी जीवन
निशांत कुमार की माता मंजू सिन्हा पेशे से शिक्षिका थीं, जिनका वर्ष 2007 में निधन हो गया था। इसके बाद से निशांत अपने पिता के काफी करीब माने जाते हैं और कई मौकों पर उनके साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी नजर आए हैं।
हालांकि वे लंबे समय तक राजनीति से दूर रहे, लेकिन धार्मिक और सामाजिक गतिविधियों में उनकी रुचि अक्सर देखी जाती रही है। मंदिरों में दर्शन और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में उनकी मौजूदगी भी चर्चा में रहती है।
पढ़ाई के मामले में अलग पहचान
राजनीतिक परिवारों के अन्य युवाओं की तुलना में निशांत कुमार को पढ़ाई-लिखाई के मामले में मजबूत माना जाता है। उन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी कर तकनीकी शिक्षा हासिल की है, जो उन्हें अन्य युवा नेताओं से अलग पहचान देती है।
अब राजनीति में असली परीक्षा
अब जब निशांत कुमार ने सक्रिय राजनीति में कदम रख दिया है, तो आने वाले समय में उनकी भूमिका पर सबकी नजर रहेगी। राजनीतिक हलकों में यह भी चर्चा है कि भविष्य में उन्हें सरकार में बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।
ऐसे में अब यह देखना दिलचस्प होगा कि सादगी और शांत स्वभाव के लिए पहचाने जाने वाले निशांत कुमार बिहार की राजनीति में अपनी अलग पहचान किस तरह स्थापित करते हैं।







