बिहार की सियासत में ‘निशांत’ की नई शुरुआत: जदयू जॉइन करते ही महावीर मंदिर पहुंचे, पिता के काम को घर-घर पहुंचाने का संकल्प
पटना स्थित पार्टी कार्यालय के कर्पूरी सभागार में आयोजित कार्यक्रम में जदयू के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर जदयू के प्रदेश अध्यक्ष उमेश कुशवाहा, बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार और लेशी सिंह समेत कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
सदस्यता के बाद महावीर मंदिर में की पूजा
पार्टी में शामिल होने के बाद निशांत कुमार सबसे पहले पटना जंक्शन के पास स्थित प्रसिद्ध महावीर मंदिर पटना पहुंचे। वहां उन्होंने भगवान हनुमान की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद लिया और अपने नए राजनीतिक सफर की शुरुआत आध्यात्मिक आस्था के साथ की।
पहला राजनीतिक संबोधन
अपने पहले राजनीतिक संबोधन में निशांत कुमार ने कार्यक्रम में मौजूद कार्यकर्ताओं और नेताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आप सभी लोगों ने अपना कीमती समय निकालकर यहां पहुंचकर मेरा उत्साह बढ़ाया है, इसके लिए मैं आप सभी का आभारी हूं।
उन्होंने कहा कि वे जदयू के सक्रिय सदस्य के रूप में पार्टी संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे और एक कार्यकर्ता के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने की पूरी कोशिश करेंगे।
‘पिता के काम को जनता तक पहुंचाऊंगा’
निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता ने पिछले 20 वर्षों में बिहार के विकास के लिए जो काम किए हैं, उन्हें वे जनता तक पहुंचाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें अपने पिता के काम पर गर्व है और वे उसी मार्गदर्शन में आगे काम करेंगे।
उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से अपील करते हुए कहा कि वे उनके पिता पर भरोसा बनाए रखें और पार्टी को मजबूत बनाने में सहयोग करें।
कुल मिलाकर, जदयू में निशांत कुमार की एंट्री को बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत के तौर पर देखा जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि वे संगठन और सियासत के मैदान में अपनी पहचान किस तरह स्थापित करते हैं।







