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Nitish Cabinet 2025: नीतीश सरकार के 10वें मंत्रिमंडल में क्षेत्र, जाति और राजनीति का सटीक संतुलन

बिहार के 27 मंत्रियों में पटना–वैशाली–बेगूसराय का दबदबा, 16 जिलों को नहीं मिला प्रतिनिधित्व; राजपूत सबसे अधिक 4 मंत्री, कई जिलों और जातियों को प्रतीकात्मक हिस्सेदारी।
 
Nitish Cabinet 2025: नीतीश सरकार के 10वें मंत्रिमंडल में क्षेत्र, जाति और राजनीति का सटीक संतुलन

Bihar political news: बिहार में एनडीए की नई सरकार के साथ मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 10वें मंत्रिमंडल की तस्वीर अब पूरी तरह साफ हो गई है। यह कैबिनेट सिर्फ सत्ता का बंटवारा नहीं, बल्कि बिहार के भूगोल, जातीय समीकरण और चुनावी परफॉर्मेंस का बारीक राजनीतिक ब्लूप्रिंट है। नई टीम में 27 मंत्री शामिल किए गए हैं- बीजेपी 14, जेडीयू 9, एलजेपी(आर) 2, HAM 1 और RLM 1।

सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि 38 जिलों में से 16 को इस बार कोई प्रतिनिधित्व नहीं मिला।
वहीं पटना, वैशाली और बेगूसराय इस कैबिनेट के असली पावर हब बनकर उभरे हैं।

कौन-कौन से जिलों का रहा दबदबा?
    •    पटना – 3 मंत्री
    •    वैशाली – 3 मंत्री
    •    बेगूसराय – 2 मंत्री

जबकि कटिहार, अररिया, मधेपुरा, सहरसा, खगड़िया, सीतामढ़ी, शिवहर, सारण, बक्सर, रोहतास, अरवल, जहानाबाद, नवादा, औरंगाबाद, बांका और भागलपुर जैसे जिलों को इस बार मंत्री पद नहीं मिला।

जातीय समीकरण: कौन कितने?

नीतीश सरकार ने जाति को लेकर भी पूरा बैलेंस साधने की कोशिश की:
    •    राजपूत – 4 (सबसे अधिक)
    •    कोइरी – 2
    •    कुर्मी – 2
    •    भूमिहार – 2
    •    यादव – 2
    •    निषाद – 2
    •    दलित/दुसाध – 2
    •    ब्राह्मण – 1
    •    धानुक – 1
    •    रविदास – 1
    •    मुसहर – 1
    •    पासी – 1
    •    कायस्थ – 1
    •    सूड़ी – 1
    •    तेली – 1
    •    कानू – 1

जेडीयू के इकलौते मुस्लिम विधायक जमा खान को मंत्री बनाकर अल्पसंख्यक प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित किया गया।

क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व: कौन सा इलाका कितना मजबूत?

बिहार के 9 सांस्कृतिक–भौगोलिक क्षेत्रों में मंत्रियों का बंटवारा इस प्रकार रहा—
    •    मगध – 6 मंत्री
    •    मिथिला – 5 मंत्री
    •    तिरहुत – 4 मंत्री
    •    अंग – 3 मंत्री
    •    सीमांचल – 2 मंत्री
    •    सारण – 2 मंत्री
    •    शाहाबाद – 2 मंत्री
    •    चंपारण – 2 मंत्री
    •    कोसी – 1 मंत्री

साफ है कि मगध–तिरहुत–मिथिला अभी भी सत्ता का मुख्य त्रिकोण बने हुए हैं।

27 में से कौन किस सदन से?
    •    22 विधायक
    •    4 विधान पार्षद (MLC)
    •    1 मंत्री बिना किसी सदन की सदस्यता — दीपक प्रकाश (RLM)
    •    संभावना है कि उन्हें एनडीए कोटे से एमएलसी बनाया जाएगा।

इस कैबिनेट में परिवारवाद की भी मजबूत मौजूदगी
    •    चिराग पासवान ने अपने कोटे से दो मंत्री बनाए — संजय पासवान एवं संजय सिंह
    •    जीतनराम मांझी ने संतोष सुमन को आगे बढ़ाया
    •    उपेंद्र कुशवाहा ने अपने बेटे दीपक प्रकाश को मंत्री पद दिलवाया

बिहार की राजनीति में यह ट्रेंड नया नहीं, बल्कि “पुराना पर आज़माया हुआ” मॉडल है।